मुख्यपृष्ठनए समाचारएसआरए को ब्रेक ... ६०० पुनर्विकास परियोजनाएं पड़ी हैं ठप्प!

एसआरए को ब्रेक … ६०० पुनर्विकास परियोजनाएं पड़ी हैं ठप्प!

• महाविकास आघाड़ी की ‘अभय योजना’ पर सरकार निष्क्रिय
• अब नए सिरे से टेंडर निकालने की कवायद शुरू

अभिषेक कुमार पाठक / मुंबई
मुंबई में हजारों लोगों को उचित आवास प्रदान करने और झुग्गीवासियों के रहन-सहन में सुधार लाने के लिए एसआरए के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के अधीन पुनर्वास परियोजनाएं लागू की जाती हैं। हालांfिक, कई परियोजनाओं के रद्द होने के कारण, वर्षों से ट्रांजिट शिविरों में रहनेवाले और बकाया किराएवाले नागरिकों और हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों के प्राधिकरण के कार्यालय में पहुंचने की संख्या में वृद्धि हुई है। जानकारी के मुताबिक, मुंबई में करीब ६०० परियोजनाएं विभिन्न कारणों से रुकी हुई हैं। एसआरए के माध्यम से मुंबई में कई योजनाएं चल रही हैं। कई परियोजनाएं का काम हो रहा है। हालांकि, कुल परियोजनाओं में से ५९९ परियोजनाएं विभिन्न कारणों से रुकी हुई हैं। इनमें से अधिकतर परियोजनाएं फंड की कमी के कारण रुकी हुई हैं। एसआरए द्वारा रुके प्रोजेक्ट्स की समीक्षा चल रही है। साथ ही प्राधिकरण इन परियोजनाओं में आ रही अड़चनों को दूर करने का प्रयास कर रहा है। इस बीच २०२२ में रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने के लिए तत्कालीन महाविकास आघाड़ी सरकार ने अभय योजना की घोषणा की थी। अब ‘अभय योजना’ को लेकर सरकार निष्क्रिय दिखाई दे रही है। सितंबर २०२२ से अब तक २१९ एसआरए परियोजनाएं रुकी हुई हैं।

एसआरए की कई परियोजनाएं विभिन्न कारणों से बंद कर दी गई हैं। इनमें मुंबई नगर निगम के अंतर्गत आने वाले कार्यों के लिए सीआरजेड परमिट और अन्य परमिट न मिलने के कारण कई परियोजनाएं रुकी हुई हैं। इन रुकी हुई परियोजनाओं के कारणों का अध्ययन करने के लिए एक सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर प्रक्रिया आयोजित करने की कवायद शुरू है। एक महीने के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कंसल्टेंट के माध्यम से अध्ययन कराया जाएगा और इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता निकाला जाएगा। -सतीश लोखंडे, सीईओ, एसआरए ऑथॉरिटी

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