मुख्यपृष्ठस्तंभब्रेकिंग ब्लंडर : हाय राम! पिक्चर फ्लॉप!!

ब्रेकिंग ब्लंडर : हाय राम! पिक्चर फ्लॉप!!

राजेश विक्रांत

अरे बाप रे ये क्या हुआ? क्या हो रहा है और क्या-क्या होने वाला है, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। लोग वोट देने घर से नहीं निकल रहे हैं तो हमारा क्या होगा?
लगता है कि वोटर भी समझ गए हैं कि भाजपा का काम तो चुनाव के समय लोगों को लोक-लुभावने वादे करके उनका वोट लेना होता है। सरकार बनने पर उन वादों को भुला दिया जाता है इसीलिए वोटर वोट ही नहीं दे रहा है। पहले चरण के चुनाव से लग रहा है कि हमारी पिक्चर फ्लॉप हो रही है।
हाय राम! राम भी काम न आए!! हम न्यू इंडिया बना रहे हैं। इसमें हम तोड़-फोड़कर विपक्ष का सूपड़ा साफ करेंगे। फर्जीकल स्ट्राइक करेंगे। दुशासन का राज्य बनाएंगे। हम देश में सुरक्षित माहौल लाएंगे। इतना सुरक्षित माहौल जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। इस सुरक्षित माहौल को जानने के लिए आज ही हमारी पार्टी को ज्वॉइन करें। आज पता नहीं क्यों हर वर्ग में हमारे प्रति रोष बना हुआ है। पूरा देश हमें कोसता है। हमने इसीलिए लोकसभा चुनाव में ४०० पार का नारा दिया था, ताकि लोग हमें कोसना भूल जाएं। लेकिन हाय रे हमारी किस्मत। हम बुरी दशा की ओर बढ़ रहे हैं।
हमने चुनावी जीत पाने के लिए क्या-क्या नहीं किया। पूरे देश को सपने दिखाए। अच्छे दिन का वादा दिया। मीठी-मीठी बातें की। लुभावने आश्वासन दिए। चुनिंदा अरबपतियों का १६ लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया। चुनावी बॉन्ड से ४ लाख करोड़ कमा लिए, लेकिन सब बेकार हो गया।
जुमलाबाजी तो हमारी आदत है। हमारी सेहत के लिए जरूरी है। हम रोजाना जुमलाबाजी न करें तो हमारे पेट में पानी न पचे। हमें अपच हो जाए इसलिए हम जुमलाबाजी करते रहते हैं। इनका सच्चाई से कोई संबंध नहीं है। ये ४०० पार का जुमला फेंकना बहुत जरूरी था, क्योंकि हमारी सीटें २०० भी नहीं हो रही थीं तो हमने ४०० पार की फेंक दी। इसमें गलत क्या है?
हम भविष्य के बारे में सोच कर डर रहे हैं। एक राज्य के विधानसभा चुनाव में ७५ पार का हमने नारा दिया था और सीटें सिर्फ ४० आई थी। उसी तरह से अब हमारा ४०० पार का नारा भी जुमला साबित होने वाला है। देश की जनता अब हमारी असलियत को पहचान चुकी है। अब हमारे झोला उठाने का समय आ गया है।
(लेखक तीन दशक से पत्रिकारिता में सक्रिय हैं और ११ पुस्तकों का लेखन-संपादन कर चुके वरिष्ठ व्यंग्यकार हैं।)

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