मुख्यपृष्ठटॉप समाचारकोरोना के कहर का आया ब्रेकअप, लॉकडाउन में पब्लिक डाउन भाजपा अप!

कोरोना के कहर का आया ब्रेकअप, लॉकडाउन में पब्लिक डाउन भाजपा अप!

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने किया केंद्र की नाकामी का खुलासा
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
कोरोना काल में जहां पूरे देश की सांसें रुकी हुई थीं, आम आदमी की रोजी-रोटी पर संकट छाया हुआ था, तब केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की कमाई ऊपर जा रही थी। दूसरे शब्दों में कहें तो पब्लिक डाउन चल रही थी और भाजपा अप थी। इस बात का खुलासा ‘एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ ने अपनी रिपोर्ट में किया है।
बता दें कि कोरोना के इस कहर का अब ब्रेकअप आ गया है। इसके अनुसार, वित्त वर्ष २०२०-२१ और २०२१-२२ में भले ही कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन के बाद रोजगार जाने या फिर वेतन में कटौती के चलते लोगों की आय घटी हो, लेकिन इसी अवधि के दौरान देश की प्रमुख राष्ट्रीय पार्टी भाजपा की संपत्ति में जोरदार उछाल देखने को मिला है। कांग्रेस की संपत्ति में मामूली बढ़त देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक दलों की संपत्ति एक वर्ष में २१ फीसदी के करीब बढ़ गई। इसमें सबसे ज्यादा कमाई भाजपा को हुई।
एडीआर ने जारी की रिपोर्ट
चुनाव सुधारों को लेकर काम करने वाली संस्था ‘एडीआर’ (एसोसिएशन ऑफ डेमाक्रेटिक रिफॉर्म्स) ने ये डेटा जारी किया है। एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में २०२०-२१ और २०२१-२२ के दौरान ८ राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की संपत्ति और देनदारी की समीक्षा करते हुए रिपोर्ट जारी की है। इनमें भाजपा व कांग्रेस प्रमुख हैं।

एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि २०२०-२१ में भाजपा ने कुल ४,९९०.१९५ करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की थी जो एक वर्ष बाद २०२१-२२ में २१.७ फीसदी के उछाल के साथ ६,०४६.८१ करोड़ रुपए हो गई। दूसरी तरफ कांग्रेस ने २०२०-२१ में ६९१.११ करोड़ रुपए का एसेट घोषित किया था जो २०२१-२२ में १६.५८ फीसदी की बढ़ोतरी के साथ ८०५.६८ करोड़ रुपए हो गई। भाजपा के मुकाबले यह मामूली ही कही जाएगी।
एडीआर ने रिपोर्ट में इन राष्ट्रीय दलों की देनदारी का भी जिक्र किया है। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय दलों पर २०२०-२१ में १०३.५५५ करोड़ रुपए की देनदारी थी, जिसमें सबसे ज्यादा ७१.५८ करोड़ रुपए कांग्रेस पर बकाया था। २०२१-२२ में कांग्रेस की देनदारी घटकर ४१.९५ करोड़ रुपए हो गई। भाजपा पर ५.१७ करोड़ रुपए का बकाया था। यानि एक वर्ष में कांग्रेस की देनदारी २९.६३ करोड़ रुपए घट गई, वहीं भाजपा की देनदारी ६.०३५ करोड़ रुपए घटी।

अन्य समाचार