सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की लाडली बहन योजना के तहत फरवरी महीने की किस्त न मिलने पर पहले से ही सरकार की विपक्ष की ओर से तीखी आलोचना हो रही थी। ७ मार्च को लाभार्थी महिलाओं के खातों में पैसे आना शुरू हुए, जिससे महिलाओं को राहत मिली, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई, क्योंकि कई महिलाओं के खातों में ३,००० रुपए की जगह सिर्फ १,५०० रुपए ही जमा हुए। जिसे लेकर विपक्ष आक्रामक हो गया है।
विपक्ष ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र की महिलाओं को एक खुला पत्र लिखा है और पूछा है कि क्या कोई भाई अपनी बहन के साथ ऐसा धोखा कर सकता है? लेकिन इस सरकार ने किया है। ऐसे भाई को बहन कभी माफ नहीं करेंगी।
बता दें कि सरकार ने पहले यह घोषणा की थी कि महिला दिवस के अवसर पर फरवरी और मार्च दोनों महीनों की राशि एक साथ दी जाएगी, लेकिन कई महिलाओं को सिर्फ एक महीने की राशि मिली, तो कुछ के खाते में तो सिर्फ ५०० रुपए ही आए, जिससे नाराजगी बढ़ गई। इसको लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने पत्र में सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि महायुति सरकार ने चुनाव के समय २,१०० रुपए देने का वादा किया था, लेकिन अब बहनों के साथ छल किया जा रहा है। विभिन्न शर्तें लगाकर उनका नाम लिस्ट से हटाया जा रहा है। यह अन्यायपूर्ण है।