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बजट से विकास को बूस्टर!

पंचसूत्रीय योजना से अर्थव्यवस्था की रफ्तार होगी सरपट 
एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का सपना होगा पूरा

मुंबई । कोरोना महामारी के संकट को मात देकर फिर से पटरी पर आ रही राज्य की अर्थव्यवस्था को राज्य सरकार के बजट से पूरी रफ्तार मिलेगी। यह बजट पंचसूत्रीय होने के नाते सभी समाज के लिए हितकारी होगा। इससे आर्थिक विकास का पहिया फुल स्पीड में दौड़ेगा और महाराष्ट्र की इकोनॉमी को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने का सपना पूरा होगा। ये बातें राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को विधानभवन में मीडिया के समक्ष कहीं। बजट पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में किसान, स्वास्थ्य, मानव विकास, उद्योग, शिक्षा, रोजगार सभी का खयाल रखा है। इससे एक तरफ जहां गरीब जनता एवं परिवारों और मध्यमवर्गीय समाज को महंगाई से राहत मिलेगी तो वहीं संपूर्ण विकास को बूस्टर डोज मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के चलते राज्य ने पिछले दो वर्षों में बड़ी दिक्कतों का सामना किया है। इस महामारी के महासंकट के बीच भी हमने अर्थव्यवस्था को रुकने नहीं दिया। आज के इस बजट में भी यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सरकार अब अर्थव्यवस्था को तेजी से दौड़ाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि विकास के लिए पंचसूत्रीय योजना के जरिए तीन वर्षों के लिए ४ लाख करोड़ रुपए की भारी-भरकम निधि आवंटित की जाएगी। किसानों के लिए विशेष प्रावधान है, कृषि उत्पादों के लिए क्लस्टर मार्वेâट बनाए जाएंगे।
कई टैक्स से मिली मुक्ति
उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के चलते आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को इस बजट में काफी राहत दी गई है। सरकार ने उनके दु:ख को अपना समझते हुए कई सहूलियतें दी हैं तो कई मामलों में टैक्स को माफ कर दिया है। अभय योजना, सीएनजी, घरेलू गैस, सोना, जल यातायात आदि में टैक्स कम कर भारी रियायतें दी गई हैं।
स्वास्थ्य सुविधा पर बल 
उन्होंने कहा कि कोरोना के महासंकट में सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान कीं। लेकिन राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत बनाई जाएंगी। स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण और सस्ता बनाने का लक्ष्य है। राज्य के १६ जिलों में १०० बेड्स का महिला विशेष अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही चिकित्सा शिक्षा की सीटों और गुणवत्ता के वृद्धि को लेकर भी पूरा जोर है।
मूलभूत सुविधाओं का विकास 
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य का विकास उसकी मूलभुत सुविधा पर निर्भर करता है। इसीलिए राज्य में सरकार सड़कें, मेट्रो, रेल, पुल, एयरपोर्ट, बंदरगाह आदि यातायात साधनों के विकास और उसके गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए विशेष बल दिया है। एसटी महामंडल में ३ हजार नई गाड़ियां खरीदने और १०३ बस स्टॉप बनाने का प्रावधान है। सरकार ने अब जल यातायात को बढ़ावा देने के लिए पूरी ताकत झोंकी है। समुद्री किनारों पर बसे मुंबई से सटे शहरों को जल यातायात से जोड़ा जाएगा। कम खर्चीले और समय की बचतवाले जल यातायात व्यवस्था को तेजी से बढ़ाने का संकल्प लिए हैं। इससे मुंबई से सटे शहरों में रहनेवालों को ज्यादा फायदा होगा, साथ ही भाऊचा धक्का से लेकर नई मुंबई के लिए शुरू वाटर टैक्सी की दर को भी कम किया जाएगा, ताकि यात्रा का खर्च कम हो।
इनोवेशन हब से रोजगार 
कुशल कारीगर तैयार करने के लिए राज्य में कई ठिकानों पर इनोवेशन हब का निर्माण करने का प्रावधान किया गया है। राज्य में नए स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य में स्टार्टअप के जरिए नए रोजगार सृजित किए जाएंगे। १०० करोड़ रुपए का प्रावधान रोजगार और स्टार्टअप के लिए किया गया है। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हैरिटेज वॉक की संकल्पना को मुंबई से बाहर अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा। नागपुर और अन्य ऐतिहासिक शहर में इससे उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सामाजिक उत्थान का प्रयत्न
इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। समाज के दुर्बल घटकों में महिलाओं को पूरक पोषण आहार, आंगनवाड़ी से ग्रामीण इलाकों में सामाजिक उत्थान, अमृत महोत्सव के जरिए महिला व बाल भवन का निर्माण, बच्चों के लालन-पालन के लिए विशेष निधि, कुपोषणमुक्त महाराष्ट्र आदि पर विशेष ध्यान दिया गया है। ‘भारतरत्न’ लता मंगेशकर अंतर्रार्ष्ट्रीय संगीत महाविद्यालय के लिए १०० करोड़ रुपए की निधि तो सामाजिक विषयों पर अध्ययन करने के लिए अनुदान आदि का प्रावधान किया गया है।

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