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यूपी के अफसरों की दबंगई : अयोध्या समेत ४५ जिलों में दे दी मांस बिक्री की अनुमति! …किरकिरी के बाद शासन ने बैठा दी जांच

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
उत्तर प्रदेश में सरकार चाहे किसी की भी हो लेकिन सूबे के सरकारी कर्मचारी हमेशा ही अपनी मनमानी और दबंगई के लिए कुख्यात रहे हैं। अक्सर सुनने को मिलता है कि सरकारी अधिकारी मंत्री, सांसद, विधायक और सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारियों को भी ऐरा गैरा साबित करने में हिचकिचाते नहीं हैं। योगी राज में एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है। यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ द्वारा धार्मिक नगरी अयोध्‍या, मथुरा, काशी आदि में मांस बिक्री पर लगाई गई रोक के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए सूबे के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ४५ जिलों में मांस बिक्री की अनुमति दे दी।
बता दें कि यूपी के मुख्‍य पर्यावरण अधिकारी घनश्‍याम की ओर से एक आदेश जारी कर यूपी के ४५ जिलों में करीब ८ बूचड़खानों को मांस बेचने की अनुमति दे दी गई।

जब मामला बाहर आया तो सरकार की किरकिरी होने लगी, जिसके बाद आनन-फानन में उत्तर प्रदेश शासन इस पूरे मामले में सख्‍त हो गया है। शासन की ओर से मुख्‍य पर्यावरण अधिकारी घनश्‍याम के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
गौरतलब हो कि मुख्‍य पर्यावरण अधिकारी घनश्‍याम की ओर से २२ सितंबर को सभी जिलाधिकारियों को एक आदेश जारी किया गया। इसमें ४५ जिलों में ८ बूचड़खानों को मांस बेचने का आदेश दे दिया गया। इसमें यूपी का धार्मिक स्‍थल अयोध्‍या भी शामिल था। इसमें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वैध सहमति और एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) से अनुमति वाले आठ बूचड़खानों को स्थानीय मांग के अनुसार, मांस बेचने की अनुमति दे दी गई। आदेश में धार्मिक स्‍थल अयोध्‍या में नगर निगम स्लॉटर हाउस मोहनपुर ठिरिया बरेली को भी मांस बिक्री की अनुमति दे दी गई। इस कंपनी को अयोध्या के अलावा मुजफ्फरनगर, बरेली, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, बाराबंकी, प्रयागराज, संतकबीरनगर, सीतापुर, श्रावस्ती और लखीमपुर जिले भी आवंटित कर दिए गए। इसी तरह संभल की इंडिया फूड्स बेगमपुर को पांच जिले, बरेली की रहबर फूड्स इंडिया प्राइवेट को तीन जिले, उन्नाव की रुस्तम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को तीन जिले आवंटित कर दिए गए।

इन्हें मिली है अनुमति
इससे पहले १४ अगस्त २३ को मुख्य पर्यावरण अधिकारी सर्किल-७ विवेक राय ने चार बूचड़खानों को मांस बिक्री की अनुमति दे दी थी। इसमें हापुड़ की रेबन फूड्स प्राइवेट, संभल की अलफलाह  प्रोजन फूड, अलरहमान प्रâोजन फूड और गाजियाबाद की अल-नासिर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। शासन ने विकेक राय के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए हैं। इसकी भनक जैसे ही शासन को लगी तेज तर्रार अपर मुख्य सचिव (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) अनीता सिंह ने पांच अक्‍टूबर को मुख्‍य पर्यावरण अधिकारी घनश्‍याम के खिलाफ जांच का आदेश दे दिया। साथ ही उन्‍होंने घनश्‍याम की ओर से जारी मांस बिक्री संबंधी आदेश को भी रद्द कर दिया।

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