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गड़े मुर्दे : पाकिस्तानी अभिनेत्री के लिए अनीस इब्राहिम ने करवाई थी फिल्म प्रोड्यूसर की हत्या

जीतेंद्र दीक्षित

अनीता अयूब, ये वो नाम है जिसकी ९० के दशक में तीन पहचानें थीं- बॉलीवुड की अभिनेत्री, डॉन की माशूका और पाकिस्तानी जासूस। इस अभिनेत्री के लिए अंडरवर्ल्ड डॉन ने मुंबई के एक फिल्म प्रोड्यूसर को दिन-दहाड़े गोलियों से भुनवा दिया था। उस डॉन को शक था कि अपनी फिल्म में काम देने के बहाने उसने अनीता के साथ अवैध संबंध बना लिए थे। जब इस अभिनेत्री के डॉन से रिश्तों का खुलासा हुआ तो उसे हिंदुस्थान छोड़कर भागना पड़ा।
१९८९ में अनीता ने बतौर मॉडल मिस एशिया पैसेफिक अंतर्राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया था। वो कई टीवी विज्ञापनों के लिए मॉडलिंग भी कर चुकी थी। १९९२ में उसने अभिनय के क्षेत्र में गर्दिश नाम के पाकिस्तानी धारावाहिक से कदम रखा। भारत के मशहूर फिल्म अभिनेता और निर्माता देव आनंद की नजर अनीता पर पड़ी और उन्होंने अपनी अगली फिल्म ‘प्यार का तराना’ के लिए प्रमुख भूमिका में अनीता को ले लिया। इस फिल्म में उन्होने अभिनय नहीं किया था, लेकिन इसे लिखा और निर्देशित किया था। ये फिल्म भी चंद पिछली फिल्मों की तरह बॉक्स ऑफिस पर पिट गई, लेकिन एक के बाद एक फ्लॉप फिल्में देने के बावजूद देव आनंद को फिल्म बनाने के जुनून सवार थे। फिल्म फ्लॉप होने के बावजूद अनीता अयूब उन्हें खूब पसंद आई।
१९९४ में बनाई गई ‘गैंगस्टर’ नाम की अगली फिल्म में उन्होंने फिर एक बार अनीता अयूब को लिया। इसी दौरान अनीता की जान-पहचान अंडरवर्ल्ड डॉन अनीस इब्राहिम से हो गई। अनीस अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भाई है। चंद मुलाकातों में अनीस अनीता की खूबसूरती का कायल हो गया और उसने अनीता से कहा कि वो उसे बॉलीवुड की एक बड़ी अभिनेत्री बनवा देगा। उसने जावेद सिद्धीकी नाम के एक फिल्म प्रोड्यूसर को फोन करके अपनी अगली फिल्म में अनीता को लीड रोल में लेने के लिए कहा। जावेद उस वक्त मिथुन चक्रवर्ती, विनोद खन्ना और राज बब्बर को लेकर एक मल्टीस्टारर फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे थे। डी कंपनी का उस वक्त बॉलीवुड में बड़ा दबदबा था और जावेद को अनीस की बात माननी पड़ी। जावेद ने एक लाख रुपए का साईनिंग अमाउंट भी अनीता को दे दिया।
कुछ दिनों बाद दोनों में तकरार हो गई। जावेद ने ये कहकर साईनिंग अमाउंट वापस मांगी कि वो अनीता को अपनी फिल्म में नहीं ले सकता और वो कोई दूसरा प्रोडक्शन हाउस देख ले। जब अनीस को पता चला कि जावेद ने अनीता के साथ अंतरंग संबंध बना लिए थे और उसे काम भी नहीं दिया तो वो आगबबूला हो गया। उसने अपने साथी अबू सलेम को निर्देश दिया कि वो जावेद को खत्म करवा दे। सलेम ने अपने परिचित शूटर सलीम तुकाराम को ५० हजार रुपए की सुपारी दी। ७ जून १९९४ को वर्सोवा इलाके में दिन के वक्त जावेद जब अपनी पत्नी के साथ कहीं जा रहे थे, तब सलीम और उसके शूटरों ने जावेद को गोलियों से भून दिया। ये पूरा किस्सा अबू सलेम ने महाराष्ट्र एटीएस को दिए अपने बयान में दर्ज करवाया है।
इस घटना के बाद अनीता अयूब पुलिस की नजर में आ गई। कुछ लोगों ने शक जताया कि वो पाकिस्तानी जासूस भी हो सकती है। सालभर पहले ही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने १२ मार्च १९९३ को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके करवाए थे। शक जताया जा रहा था कि अनीता के जरिये किसी और साजिश को अंजाम देने की कोशिश हो सकती है। इससे पहले कि पुलिस अनीता से पूछताछ कर पाती वो अमेरिका चली गई। अमेरिका में उसने गुजराती मूल के एक कारोबारी से शादी की, लेकिन ये शादी जादा दिन नहीं चली। इसके बाद उसने एक पाकिस्तानी से शादी कर ली।

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