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दो समाजों के बीच तनाव पैदा कर महंगाई, बेरोजगारी से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है भाजपा!-कांग्रेस का आरोप

• भारत को आरक्षण मुक्त बनाने की भाजपा की चाल
• आरक्षण मुद्दे पर सरकार में नहीं है एकमत
• कोर्ट में याचिका दायर करनेवालों के पीछे है भाजपा
गरीबों को गुलाम बनाने की है भाजपा की साजिश

सामना संवाददाता / मुंबई
मराठा और ओबीसी समुदाय के बीच दरार पैदा कर राज्य में सामाजिक अस्थिरता पैदा करने की भाजपा द्वारा कोशिश की जा रही है। सरकार के दो मंत्री ही सार्वजनिक रूप से आरक्षण पर अलग-अलग बयान दे रहे हैं। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने मांग की है कि भाजपा और शिंदे सरकार को आरक्षण मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि सरकार में इस पर कोई सहमति नहीं है।
तिलक भवन में कल मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए पटोले ने आगे कहा कि सर्वदलीय बैठक में ओबीसी आरक्षण को नुकसान पहुंचाए बिना मराठा समुदाय को आरक्षण देने का पक्ष रखा गया था, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। दो समाजों के बीच तनाव पैदा कर जनता का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी, सूखा, किसान आत्महत्या, मादक पदार्थों की तस्करी जैसे बुनियादी मुद्दों से भटकाने के लिए माहौल बिगाड़ा जा रहा है। मराठा और धनगर समुदाय को आरक्षण देने का वादा कर उनके वोटों के दम पर भाजपा सत्ता में आई, लेकिन उन्हें आरक्षण नहीं दिया गया। उस समय सरकार का प्रतिनिधित्व करनेवाले महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने कहा है कि यह तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही थे, जिन्होंने उन्हें मराठा आरक्षण के खिलाफ दलील न देने के लिए कहा था। प्रदेश की जनता जानती है कि आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर करनेवालों के पीछे कौन है। भारतीय जनता पार्टी आरक्षण विरोधी है, वह आरक्षण खत्म करना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कह रहे हैं कि वे गरीब जाति से हैं। यह लोगों को गरीबों और अमीरों को दो जातियों में बांटकर गरीबों को शैक्षिक और आर्थिक रूप से कमजोर और गुलाम बनाने की साजिश है। हालांकि, कांग्रेस इस साजिश को कभी सफल नहीं होने देगी।
पटोले ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का रुख है कि पिछड़ी जातियों को आरक्षण दिया जाना चाहिए। आरक्षण पर चल रही बहस से अगर हमें कोई रास्ता निकालना है तो जातिवार जनगणना कराना और ५० फीसदी आरक्षण की सीमा को हटाना जरूरी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीड़ में हुई आगजनी पर बोलते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। यह स्पष्ट है कि गृह विभाग अपनी जिम्मेदारी ठीक ढंग से निभा नहीं पा रहा है। बीड़ में जो आगजनी हुई है वो तब तक संभव नहीं है, जब तक इसके पीछे कोई ताकत न हो, ऐसी आगजनी बिना किसी राजनीतिक मकसद के नहीं होती है। पटोले ने अंदेशा जताया है कि इन सबके पीछे सरकार हो सकती है।
कुनबी प्रमाणपत्र के बारे में बात करते हुए पटोले ने कहा कि सरकार मराठा समुदाय को धोखा दे रही है। यह जाति प्रमाणपत्र केवल तभी जारी किया जा सकता है, जब वंशावली आवश्यक हो। सरकार आज जो कर रही है, वह एक अस्थायी व्यवस्था है।

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