मुख्यपृष्ठटॉप समाचारमुझे जहर देकर मारने की साजिश!

मुझे जहर देकर मारने की साजिश!

-मनोज जरांगे-पाटील का गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर गंभीर आरोप

सामना संवाददाता / मुंबई

‘सलाइन में जहर देकर या मेरा एनकाउंटर करने की साजिश उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रची है। इस तरह का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए मनोज जरांगे-पाटील ने कहा कि ज्यादा मस्ती होगा तो सागर बंगले पर आता हूं, वहीं मुझे गोली मारो!’ इस तरह की चुनौती देते हुए जरांगे कल कार्यकर्ताओं समेत मुंबई की तरफ निकल पड़े। लेकिन यहां से सात किलोमीटर दूर भांबेरी गांव में महिलाओं द्वारा रास्ता रोककर रुकने का आग्रह किए जाने के बाद जरांगे ने सोमवार को मुंबई की ओर कूच करने का फैसला किया।
जालना के आंतरवाली सराटी में जरांगे का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल चल रही है। रविवार दोपहर उन्होंने प्रेस कॉन्प्रâेंस के जरिए मराठा समाज को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने शिंदे-फडणवीस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि फडणवीस का लक्ष्य मराठाओं की दहशत को खत्म करना है। इस साजिश में शिंदे के कुछ लोग और अजीत पवार के दो विधायक भी शामिल हैं। ओबीसी से आरक्षण नहीं देना है, भाई-भतीजों को आरक्षण नहीं देना है। १० फीसदी आरक्षण मराठाओं पर लादना है, लेकिन ये लड़का सुन नहीं रहा है, इस लड़के को खत्म करना होगा, अन्यथा इसका गेम तो करना ही पड़ेगा।
ाहीं, तो इसे बदनाम करना पड़ेगा या भूख हड़ताल पर मरते छोड़ना होगा। इसे सलाइन से जहर देकर मारना पड़ेगा, इस तरह के विचार सामने आने के बाद से मैंने सलाइन लेनी बंद कर दी है।
अजीत पवार कभी राकांपा नहीं छोड़ते, छगन भुजबल कभी भी राकांपा नहीं छोड़ते, लेकिन ये दोनों फडणवीस की वजह से गए। एकनाथ शिंदे कभी शिवसेना नहीं छोड़ते, अशोक चव्हाण कभी कांग्रेस नहीं छोड़ते। ये सभी इनके डर से गए। सदाभाऊ खोत और राजू शेट्टी के बीच दरार पैदा कर दी। धनंजय मुंडे शोर मचानेवाले थे, उससे पहले ही धमकाते हुए कहा कि तुम्हें अंदर डालें क्या? इसलिए धनंजय मुंडे चुप हो गए। भाजपा की स्थापना करनेवाले गोपीनाथ मुंडे की बेटी का क्या हुआ? जरांगे ने फडणवीस और भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन्होंने भाजपा को खड़ा किया उन एकनाथ खडसे के साथ क्या हुआ है।
मैं किसी पार्टी से नहीं हूं
क्या घटा, क्या साजिश हुई है, ये मुझे समाज को बताना है। अब यह आखिरी घड़ी है। मैं एक साधारण परिवार में जन्म लेनेवाला किसान का बेटा हूं। अगर मैं स्वार्थी होता, झूठा होता, तो यहां पहले ही बेनकाब हो गया होता। समाज को नेता मिला या नहीं यह समाज को तय करना है। कोई मराठों को हराने का सपना देख रहा है।

मैं सागर बंगले के लिए निकला हूं
जरांगे-पाटील ने कहा कि यदि तुम मेरी बलि लेना चाहते हो तो सागर बंगले पर आ जाओ। मैं अब सागर बंगले पर आ रहा हूं। मुझे गोली मारो, लेकिन झूठा आरोप बर्दाश्त नहीं करूंगा। फडणवीस इस बार तुम्हारा सूपड़ा साफ होगा। मेरी बलि ले लो, लेकिन मुझ पर झूठे आरोप मत लगाओ। मुझे गोली मारनी है तो मारो। इतनी मस्ती होगी तो मैं सागर बंगले पर आ रहा हूं! इस तरह की चुनौती देते हुए जरांगे-पाटील ने फडणवीस के मुंबई स्थित बंगले पर जाने का पैâसला किया और तुरंत खड़े हो गए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बैठाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बिना किसी की बात सुने मुंबई जाने का फैसला कर लिया। इस वक्त मराठा भाई मनोज जरांगे से मिन्नतें कर रहे थे। लेकिन जरांगे किसी की बात नहीं सुने बिने सीधे अनशन स्थल से गाड़ियों और हजारों मराठा भाइयों के साथ मुंबई की ओर निकल गए हैं।

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