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कैग ने की महाविकास आघाड़ी सरकार की तारीफ… अजीत दादा शाबाश!

  • कोरोना काल में किया कमाल
  • महाराष्ट्र की आर्थिक व्यवस्था रखी सुदृढ़

सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य विधिमंडल के मानसून सत्र के अंतिम दिन कल सभागृह में ‘कैग ’ की रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट में अनेक मुद्दे सामने आए हैं। इसके अनुसार वर्ष २०१६-१७ में राज्य पर चार लाख करोड़ रुपए का कर्ज था। जो वर्तमान में बढ़कर ५ लाख, ४८ हजार, १७६ करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं कोरोना काल में राज्य की जीडीपी तीन प्रतिशत घटी है, फिर भी राज्य का राजकोषीय घाटा कम करने में तत्कालीन महाविकास आघाड़ी सरकार ने कमाल किया है। ऐसा रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। तब राज्य के वित्त मंत्री अजीत पवार थे।
गौरतलब है कि कोरोना काल का दौर काफी भयानक था। लॉकडाउन होने की वजह से उद्योग, व्यवसाय में मंदी आ गई थी। उस विकट परिस्थिति में भी राज्य की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए तत्कालीन वित्त मंत्री अजीत पवार की रिपोर्ट में प्रशंसा की गई है। कोरोना काल में राज्य की जीडीपी घटी, फिर भी राज्य का राजकोषीय घाटा कम करने में तत्कालीन महाविकास आघाड़ी सरकार को सफलता मिली है, ऐसा रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है।
वर्ष २०२१-२०२२ में राज्य सरकार राजकोषीय घाटे को ३ प्रतिशत से नीचे लाने में सफल रही। इसमें अजीत पवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके लिए उनकी सराहना कैग की रिपोर्ट में की गई है। कोरोना काल में सभी क्षेत्रों में फटका लगा था। उद्योग और सेवा क्षेत्र में अपेक्षाकृत वृद्धि नहीं हुई। लॉकडाउन के कारण उद्योग और सेवा क्षेत्र में भारी पैमाने पर गिरावट आई। उस समय राज्य के किसान तारणहार साबित हुए। कृषि क्षेत्र में १३ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दूसरी तरफ राज्य की जीएसटी में १५.३२ प्रतिशत और वैट में १२.२४ प्रतिशत की कमी हुई है।

 खतरे में लोकतंत्र!
नेता प्रतिपक्ष अजीत पवार ने कल भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में आज जो चल रहा है, वह लोकतंत्र के लिए घातक है। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां सत्ता काबिज करने की साजिश की जा रही है। नई दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार को महाराष्ट्र की तरह ही तोड़ने की खबरें आ रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने बागी विधायकों पर तंज कसते हुए कहा कि अब ‘पचास खोके, एकदम ओके’ की चर्चा गांव- गली में हो रही है। विधानभवन में विपक्ष की संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अजीत पवार ने कहा कि महाराष्ट्र की वर्तमान शिंदे-फडणवीस सरकार तब तक रहेगी, जब तक उनके पास १४५ का आंकड़ा मौजूद है। उन्होंने कहा कि गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश में क्या हुआ सबने देखा है। राजस्थान में भी कोशिश की गई लेकिन सफल नहीं हो सकी। बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी को तोड़ने का प्रयास किया गया लेकिन उससे पहले नीतीश ने पटखनी दे दी। जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए।

शिवसैनिकों के जत्थे के जत्थे पहुंच रहे उद्धव से मिलने
अजीत पवार ने कहा कि शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे विधान परिषद में काम करने की बजाय अपनी पार्टी पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। वे पार्टी को फिर उड़ान देने के काम में जुट गए हैं। शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के बाद उन्होंने शिवसेना को संभाला। गणेशोत्सव के बाद वे राज्य दौरे पर निकलेंगे। शिवसैनिकों के जत्थे के जत्थे ट्रेन से, सड़क मार्ग से, साइकिल से, पैदल चलकर उनसे मिलने आ रहे हैं। अजीत पवार के अनुसार विधानभवन में मंगलवार को हुई महाविकास आघाड़ी की बैठक में मिलकर चुनाव लड़ने पर चर्चा हुई। शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा मिलकर चुनाव लड़ना चाहते हैं। जहां भाजपा की ताकत अधिक है, वहां मिलकर चुनाव लड़ा जा सकता है। जहां भाजपा कमजोर है, वहां कांग्रेस-राकांपा और शिवसेना के बीच मुकाबला हो सकता है। कांग्रेस-राकांपा की सरकार के वक्त भी हमने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

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