मुख्यपृष्ठसमाचार`मामा' की चौखट पर डेरा डाले अभ्यर्थी...आंसुओं में बहती उम्मीदें!

`मामा’ की चौखट पर डेरा डाले अभ्यर्थी…आंसुओं में बहती उम्मीदें!

कब आएगा शिक्षक की नौकरी का लेटर?
सामना संवाददाता / भोपाल । एमपी में भाजपा की शिवराज सिंंह `मामा’ की सरकार में संविदा शिक्षक पात्रता परीक्षा में चयनित छात्रों की आंसुओं में उम्मीदें साफ दिखाई दे रही है। इन्हीं उम्मीदों को लेकर प्रतीक्षा सूची में शामिल शिक्षक उम्मीदवार इन दिनों भोपाल में डेरा जमाए बैठे हैं। उम्मीदें लेकर `मामा’ की चौखट पर पहुंचे इन बेटे-बेटियों-बहुओं का दर्द और आंसुओं की अनगिनत कहानियां हैं। कोई महिला अपनी डेढ़ साल की बच्ची को ५०० किलोमीटर दूर घर छोड़कर आई है तो किसी की सास कहती है कि तू चिंता मत कर नौकरी का ऑर्डर लेकर ही आना है। किसी की मां रोज पूछती है कि शिक्षक की नौकरी का ऑर्डर मिला है क्या? हम लोगों को रोज परिवारवालों से झूठ बोलना पड़ रहा है कि बस एक-दो दिन में मिल जाएगा। धरने पर बैठे छात्रों में किसी ने सरकारी नौकरी लगने तक शादी न करने का संकल्प लिया है, तो किसी की मां का आखिरी सपना बेटी को उसके पैरों पर खड़ा देखना है। किसी को अपनी सास के सपनों को पूरा करने के लिए नौकरी हासिल करनी है। जितने उम्मीदवार हैं, उतने दर्द हैं लेकिन सरकार के पास २०१८ में हुई संविदा शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके इन चयनित उम्मीदवारों को भरोसा देने के लिए एक लफ्ज नहीं है।
घर छोड़ भोपाल में डाला डेरा
मध्य प्रदेश में अन्य पिछ़ड़ा वर्ग आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। ओबीसी उम्मीदवारों के लिए २७ फीसदी आरक्षण अभी भी कागजों तक ही सीमित है। शिक्षक भर्ती में २७ फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर उम्मीदवारों ने अपने घरों को छोड़कर भोपाल में डेरा डाल लिया है। ऐसे में ओबीसी आरक्षण को लेकर सियायत एक बार फिर तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में चल रही शिक्षक भर्ती के लिए वेटिंग लिस्ट क्लियर होने लगी है लेकिन इसमें ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों में से किसी को नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। इस बात से नाराज उम्मीदवार भी दो टूक शब्दों में कह रहे हैं कि सरकार इसे २०२३ के विधानसभा चुनाव में भुनाना चाहती है। इसलिए इस प्रक्रिया को जान-बूझकर लंबा खींचा जा रहा है। सरकार चाहे तो ओबीसी उम्मीदवारों को प्रोविजनल नियुक्ति देकर एडजस्ट कर सकती है लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। उम्मीदवारों ने बताया कि वेटिंग क्लियर करते समय ओबीसी को छोड़कर सभी वर्गों के उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई।
शिक्षकों की मांगें माने सरकार
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग के चयनित शिक्षक अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। हर जगह गुहार लगा रहे हैं। लेकिन शिवराज सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इन अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति पत्र देकर इनकी मांग को पूरा किया जाए।

 

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