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कांग्रेस को दोष देकर छिपा नहीं सकते गद्दारी का पाप!… कांग्रेस का सीएम को करारा जवाब

• ‘बीकेसी पर शिंदे ने पढ़ी भाजपा की स्क्रिप्ट’

सामना संवाददाता / मुंबई
बीकेसी के मैदान में एकनाथ शिंदे गुट की सभा में आई भीड़ का खूब प्रचार किया गया। पर ये भीड़ राज्य के विभिन्न हिस्सों से भाड़े पर जुटाकर आम जनता को झूठा संदेश देने के लिए आयोजित की गई थी। लेकिन इस सभा में आए लोग मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का भाषण सुने बिना ही चले गए। राज्य की जनता ने देखा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी की कठपुतली की तरह भाषण कर रहे थे। ऐसा जोरदार हमला शिंदे गुट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने करते हुए कहा कि शिंदे कांग्रेस का दोष देकर अपनी गद्दारी का पाप नहीं छिपा सकते। शिंदे ने बीकेसी पर अपनी गद्दारी के समर्थन में भाजपा द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट पढ़ी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटोले ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी सभा में कांग्रेस की आलोचना की। दरअसल, एकनाथ शिंदे की गद्दारी शिवसेना का अंदरूनी मामला है। लेकिन हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक मंत्री और विधायक गद्दारी के पाप को छुपाने के लिए बार-बार कांग्रेस की आलोचना करें। शिंदे को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष कौन है या कौन होना चाहिए! पटोले ने कहा कि शिंदे की पार्टी का अभी तक कोई पता नहीं है। ऐसे में उनके द्वारा कांग्रेस के बारे में बात करना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे का अपना खुद का कोई वजूद नहीं है। उनकी उपलब्धि भाजपा के इशारे पर काम करते हुए दिल्ली के आदेश को लागू करना है। पटोले ने कहा कि शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने २०१९ में अपने निर्वाचित विधायकों के साथ कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के समर्थन से महाविकास आघाड़ी सरकार बनाई थी।
यह सरकार सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर रखकर राज्य की जनता के कल्याण के लिए बनाई गई थी। शिंदे के साथ गए ४० विधायक भी इस सरकार में शामिल थे। पटोले ने पूछा कि अगर शिंदे गुट को कांग्रेस का समर्थन इतना ही नापसंद था, तो उन्होंने उस समय सरकार से बाहर जाने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई? आज शिंदे, शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के विचारों की विरासत को आगे बढ़ाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में क्या शिंदे को पता नहीं है कि शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस उम्मीदवार प्रतिभाताई पाटील और प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था। तब एकनाथ शिंदे ने शिवसेनाप्रमुख का विरोध करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई? कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और भाजपा के दबाव के सामने झुकनेवाले एकनाथ शिंदे को अपना पाप छुपाने के लिए कांग्रेस को दोष देना बंद कर देना चाहिए।

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