मुख्यपृष्ठनए समाचारकरियर या कैंसर? ... चुनाव आपके हाथ है!

करियर या कैंसर? … चुनाव आपके हाथ है!

• देर से गर्भधारण बना सकता है गर्भाशय में ट्यूमर
सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले कुछ सालों में लोग अपनी उम्र का ३०वां पड़ाव पार करने के बाद शादी करने लगे हैं। आजकल के युवा पुरुष और महिलाएं पहले करियर को प्राथमिकता दे रहे हैं। करियर में सफलता अर्जित करने के बाद ही कहीं जाकर शादी करने के बारे में विचार कर रहे हैं। देर से शादी और उसके बाद परिवार नियोजन ये सभी महिलाओं में गर्भधारण में बाधा बनते जा रहे हैं। साथ ही अगर इन सभी प्रक्रियाओं के दौरान गर्भाशय में ट्यूमर (फाइब्रॉइड) मिलने पर उन्हें गर्भावस्था के दौरान बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार उन ट्यूमर को हटाने के बाद गर्भधारण हो जाता है। इस ट्यूमर का आकार इतना बड़ा होता है कि इससे महिलाओं का पेट फूला हुआ दिखता है, इसलिए चिकित्सा विशेषज्ञों ने राय व्यक्त की है कि इस तरह के मामलों में समय पर डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।
बच्चेदानी में गांठ या रसौली की समस्या यानी जिसे मेडिकल भाषा में गर्भाशय फाइब्रॉएड कहते हैं, इन दिनों महिलाओं में काफी बढ़ रही है। अगर समय रहते इसका उपचार नहीं किया जाता है तो यह भविष्य में गर्भाशय में वैंâसर का कारण भी बन सकती है। दरअसल, ये गर्भाशय की भीतरी या बाहरी दीवारों में पनपने वाली गांठें हैं। सामान्यत: हर स्त्री के गर्भाशय में कुछ ऐसी गांठें मौजूद हो सकती हैं, पर इससे उन्हें कोई तकलीफ नहीं होती और इसके कोई लक्षण भी नजर नहीं आते, जिसके आधार पर इसकी जांच कराई जा सके। अधिकतर मामलों में फाइब्रॉइड डिलिवरी के दौरान नजर आता है। २५ से ४० साल की महिलाओं में फाइब्रॉइड की आशंका सबसे अधिक देखने को मिलती है। अच्छी बात यह है कि जीवनशैली में कुछ मामूली से बदलाव से गर्भाशय फाइब्रॉइड के खतरे को कम करने और भविष्य में इससे बचाव में मदद मिल सकती है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभना चव्हाण के मुताबिक, ट्यूमर का पता चलने के बाद इलाज इस आधार पर किया जाता है कि यह गर्भाशय में कहां स्थित है। यह भी तय किया जाता है कि सर्जरी वैâसे और किस तरीके से की जाएगी। गर्भधारण में बाधा डालने वाले इन ट्यूमर को हटाने के बाद कई महिलाएं सफलतापूर्वक गर्भधारण कर चुकी हैं। इस गांठ का आकार एक छोटे बीज से लेकर सेब के आकार तक हो सकता है। ट्यूमर रोग का इलाज करने से रोगी ठीक हो जाता है, इसलिए किसी को घबराने की कोई वजह नहीं है।

ये होते हैं कारण
इसके मुख्य कारण मोटापा, असंतुलित हार्मोन और अनुवांशिकता हो सकते हैं। गर्भाशय में गांठ होने की स्थिति में पेट में दर्द होना, मासिक धर्म के समय भारी रक्तस्राव, मूत्राशय का संक्रमण, अनियमित मासिक धर्म, कमर दर्द आदि लक्षण होते हैं।

अन्य समाचार

लालमलाल!