" /> प्रतिभा

`जरूरी नहीं अलग होने का मतलब लड़ाई हो!’-कमल सदाना

नब्बे के दशक में अपनी अदाकारी से अपनी पहचान बनानेवाले कमल सदाना अपनी फिल्मों के जरिए सबके दिलों पर छा

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‘लोग शौक के लिए जीते हैं’- अनिल शर्मा

चार दशकों से निर्देशक अनिल शर्मा की अधिकतर फिल्में देशभक्ति की शक्ति व पारिवारिक प्रेम को प्रदर्शित करती रही हैं।

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`मैं इंटिमेट सीन नहीं कर सकती!’ – रूपल त्यागी

बंगलुरू की रहनेवाली रूपल त्यागी ने इंडस्ट्री में अपना करियर बतौर कोरियोग्राफर शुरू किया था। शिक्षा पूरी करने के बाद

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रामविलास शर्मा के बिना साहित्य का मूल्यांकन अधूरा!

प्रेमचंद से लेकर आज तक हमारे साहित्य की सबसे समृद्ध धारा हर तरह की मनुष्य निर्मित गैर बराबरी, दमन और

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