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सीसीटीवी कैमरे बने अपराधियों के काल! …. जुर्माना वसूलने में भी हुई वृद्धि

सामना संवाददाता / मुंबई । इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम (आईएसएस) के अंतर्गत मुंबई के उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। रेलवे परिसर में होनेवाले अपराध पर नकेल कसने के लिए अत्याधुनिक सीसीटीवी वैâमरे लगाए गए हैं, जो अपराधियों के लिए काल तो साबित हो रहे हैं। साथ ही यात्रियों के खोए हुए सामानों का पता लगाकर दोबारा मालिक को सौंपने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार रेलवे अधिनियम के तहत विभिन्‍न मामलों से वसूल किए गए जुर्माने में ९० प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई हैं। स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी वैâमरों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाती है, यही कारण है कि पश्चिम रेलवे के रेल सुरक्षा बल ने सामान का पता लगाकर उन्‍हें सही मालिकों तक भेजा है। इस तरह के मामलों में ९७.५ प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई है। एनडीपीएस मामलों का पता लगाने और आगे की जांच के लिए सौंपने के मामलों में १८० प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पता लगाए गए मामलों की संख्या में वर्ष २०२० की तुलना में वर्ष २०२१ में ४८७.५ प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पश्चिम रेलवे के रेल सुरक्षा बल ने वर्ष भर यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए कई अभियान चलाए। वर्ष २०२१ में ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत पश्चिम रेलवे के रेल सुरक्षा बल ने सीडब्ल्यूसी और गैर सरकारी संगठनों के समन्वय में अनुवर्ती कार्रवाई के साथ ३८५ लड़कों और २१२ लड़कियों को बचाया। वर्ष के दौरान रेल सुरक्षा बल ने लगभग २.५८ करोड़ रुपए मूल्‍य के सामानों को उनके असली मालिकों को लौटाया। पश्चिम रेलवे के रेल सुरक्षा बल ने अपनी ड्यूटी से परे अपनी जान जोखिम में डालकर विभिन्न रेलवे स्टेशनों और परिसरों में चलती ट्रेनों के नीचे आ जाने के खतरों से ३४ लोगों की जान बचाई है।

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