मुख्यपृष्ठसमाचारअजीब नामों की बस्ती, एक से एक`हस्ती'! एक शख्स का नाम पाकिस्तान,...

अजीब नामों की बस्ती, एक से एक`हस्ती’! एक शख्स का नाम पाकिस्तान, दूसरे का नेपाल

मजदूरी करनेवालों के नाम एसपी और कलेक्टर
सामना संवाददाता / नागौर। किसी से भी पूछा जाए पाकिस्तान और नेपाल क्या है? जवाब मिलेगा देशों के नाम। नागौर जिले के अंतिम छोर पर जोधपुर बॉर्डर से लगते गोटन गांव की कहानी कुछ अलग है। यहां पाकिस्तान और नेपाल २ व्यक्तियों के नाम हैं। इतना ही नहीं। यहां कुछ मजदूर भी हैं, जिनके नाम एसपी, कलेक्टर, थानेदार और वकील हैं। अजीब नाम रखने के पीछे की वजह भी हैरान करने वाली है। जानकारी के अनुसार गोटन में कुछ दिनों पहले पुलिस ने शराब तस्करी करते पाकिस्तान नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। इसके बाद यहां मारपीट के एक मामले में एसपी और कलेक्टर नाम के दो व्यक्तियों सहित ७ लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई। इस १०० घरों की बस्ती में स्कूल, थानेदार, वकील, मुंशी, सिपाही, आंगनबाड़ी, नर्स, लंदन, नेपाल और बर्मा नाम के लोग भी मिल जाएंगे। सरकारी दस्तावेजों में भी इन लोगों का यही नाम हैं।
पुलिस की गिरफ्त में पाकिस्तान
इस बस्ती में जाने से पुलिस भी घबराती है। बस्ती के ज्यादातर लोग गाने-बजाने और मजदूरी का काम करते हैं। कुछ लोग शराब तस्करी से भी जुड़े हैं। अपनी बस्ती में भी बाहरी को ज्यादा देर तक रुकने नहीं देते हैं। यहां तक कि पुलिस भी इन्हें पकड़ने के लिए यहां जाने के बजाय इनके बस्ती से बाहर निकलने का इंतजार करती है।
बच्चे का नाम थानेदार
गांव के लोग किसी से बात करने को तैयार नहीं होते। एक किराना व्यापारी का कहना है कि कई बार तो सिर्फ इगो में आकर लोग अजीब नाम रख लेते हैं। जैसे किसी ने बच्चे का नाम थानेदार रख लिया तो पड़ोसी अपने घर में पैदा होने वाले बच्चे का नाम डिप्टी, एसपी ही रखेगा। इसके अलावा पुलिस के डर से भी ये लोकेशन वाइज और मुखबिरी की कोडिंग के लिए भी ऐसे नाम रखते हैं।
मांगकर खाता था पाकिस्तान
पाकिस्तान ने बताया कि वह मांग कर खाना खाता था। ऐसे में लोग उसे पाकिस्तान बुलाने लगे, वही नाम पड़ गया। गोटन थाने के हेड कॉन्स्टेबल सुगनाराम ने बताया कि सही है कि गोटन की नट बस्ती में पाकिस्तान, एसपी, कलेक्टर, स्कूल, थानेदार, वकील, मुंशी और सिपाही जैसे नामों वाले लोग रहते हैं।
शहादत के लिए जाना जाता है गोटन
गोटन क्षेत्र की पहचान मातृभूमि और देश की सरहदों की रक्षा के लिए अपने लाडलों का सर्वस्व न्योछावर करने के लिए है। इस क्षेत्र के मदनसिंह चंपावत, भागीरथ कड़वासड़ा, भंवरलाल खोखर, हुक्माराम सेंवर, भगवान सिंह चादावंत, अमराराम खोखर, गोपाल सिंह धांधल और बीरमाराम खोखर ने देश सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। जेके व्हाइट और बिड़ला व्हाइट सीमेंट पैâक्ट्री से होने वाले उत्पादन के चलते गोटन राजस्थान की रेवेन्यू बढ़ाने में भी योगदान कर रहा है।

 

अन्य समाचार