मुख्यपृष्ठग्लैमर‘सीना गर्व से तन जाएगा!’ : अमिताभ बच्चन

‘सीना गर्व से तन जाएगा!’ : अमिताभ बच्चन

रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ को शुरू हुए २२ वर्ष हो चुके हैं। शो के तीसरे सीजन को जहां शाहरुख खान ने होस्ट किया था, वहीं अमिताभ बच्चन बाकी के १२ सीजन को होस्ट कर चुके हैं। इस शो की कल्पना बिना अमिताभ बच्चन के की ही नहीं जा सकती। फिलहाल, इस शो के १४वें सीजन के प्रसारण की शुरुआत ‘सोनी टीवी’ पर हो चुकी है, जिसे अमिताभ बच्चन होस्ट कर रहे हैं। पेश है, अमिताभ बच्चन से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

  •  दो वर्ष बाद आप ‘केबीसी’ को दोबारा होस्ट करेंगे। पिछले दो वर्षों की आपकी क्या मेमोरीज हैं?
    २०२०-२१ में ‘केबीसी’ को पूरी शिद्दत के साथ हमेशा की तरह पेश किया लेकिन लाइव ऑडियंस के साथ शो करने का चार्म अलग होता है। जो कंटेस्टेंट बड़ी धनराशि जीतकर इस सेट से निकलते हैं वे न तो मुझसे हाथ मिला सके और न ही मैं उनसे हाथ मिला सका। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस शो को करना आसान नहीं था। लेकिन शो मस्ट गो ऑन। अब कोविड का डर पहले की तुलना में कम हुआ है। लिहाजा, दो वर्षों बाद ऑडियंस और कंटेस्टेंट को सामने देखकर शो को होस्ट करना और अच्छा लगता है।
  • देश ७५वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, शो में क्या विशेष प्रस्तुति होगी?
    क्या-क्या हाइलाइट्स होंगे शो में उसका ट्रेलर और प्रोमो सभी ने देखा होगा। मेरी कॉम, आमिर खान के साथ ही देश के लिए प्रंâट पर लड़नेवाले जाबांज मिलिट्री ऑफिसर होंगे, जिनके शरीर पर आज भी गोलियों के छर्रे मौजूद हैं। शुभांरभ के इस शो में इन वीरों का त्याग देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से तन जाएगा। फिलहाल, शो की पुरस्कार राशि ७ नहीं, साढ़े सात करोड़ कर दी गई है। गेम शो का सातवां पड़ाव भी एक सरप्राइज है। इस बार लाइफ लाइन ४ नहीं ३ होंगी।
  • एक होस्ट के रूप में आपको किस तरह की तैयारी करनी पड़ती है?
    जनरल नॉलेज में मैं सामान्य हूं। मेरा काम है हॉट सीट पर बैठे कंटेस्टेंट को सवाल पूछना। जवाब न आए तो उनके सामने विकल्प रखना, उन्हें लाइफ लाइन से रू-बरू कराना। बातचीत के साथ उन्हें टेंशन फ्री करना। मैं जनरल नॉलेज की तैयारी नहीं करता क्योंकि इसकी मुझे जरूरत ही नहीं पड़ती। केबीसी के फ्लोर पर काम करनेवाली, एडिटिंग करनेवाली, रिसर्च के साथ सवाल बनानेवाली ऐसी कई टीमें काम करती हैं, इसीलिए इस शो को पसंद किया जाता है।
  • इस शो की कामयाबी का राज क्या है?
    इस शो को परिवारों का बहुत प्यार मिला है। परिवार के सदस्य साथ बैठकर किसी शो में हिस्सा लें और शो के चलते साथ-साथ परिवार भी खेले, ऐसा बहुत कम बार होता है, जो इस शो के साथ हुआ है। परिवारों को जोड़ने का काम केबीसी ने कर दिखाया है।
  • किस तरह से आप फिल्म और केबीसी की शेड्यूलिंग को एडजस्ट करते हैं?
    मैं जब भी ‘केबीसी’ शो करता हूं अपनी फिल्म के अधूरे काम को पूरा कर एकमुश्त डेट्स देता हूं। जैसे फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ की शूटिंग और पोस्ट प्रोडक्शन पूरा हुआ, ‘राजश्री’ की अगली फिल्म ‘ऊंचाई’ पूरी की। आनेवाले मेरे दो-तीन महीने केबीसी के लिए होंगे। केबीसी एक डेली शो है इसलिए शो के लिए एक साथ वक्त देना लाजमी है। जब केबीसी का यह सीजन पूरा होगा मैं फिल्मों की शूटिंग शुरू कर दूंगा। आखिर, फिल्में भी तो करनी ही हैं।
  • हॉट सीट पर बैठनेवाले कंटेस्टेंट के किसी अनुभव से क्या आप रिलेट हुए हैं?
    हॉट सीट पर बैठे कंटेस्टेंट अपनी जीवनी जब इस मंच पर शेयर करते हैं तो कोई-न-कोई अनुभव ऐसा होता है, जिसका सामना सिर्फ मैं ही नहीं कई लोग कर चुके होते हैं। कोई घटना आज किसी के साथ घटी, कल हमारे साथ भी ऐसा हुआ था, आनेवाले कल में किसी और के साथ भी ऐसा हो सकता है। यही जीवन है, जो रोलर कोस्टर है, ऊबड़-खाबड़ है। गम है तो खुशी भी है। लेकिन हॉट सीट पर बैठनेवाला कंटेस्टेंट अच्छी धनराशि प्राप्त करने पर खुशियों का खजाना अपने साथ ले जाता है, यही इस मंच का एक रोशनी भरा सच है।

अन्य समाचार