मुख्यपृष्ठखेलकेंद्र पहलवानों के आगे चित!... नवनियुक्त कुश्ती संघ को किया निलंबित

केंद्र पहलवानों के आगे चित!… नवनियुक्त कुश्ती संघ को किया निलंबित

ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक के संन्यास और बंजरंग पूनिया का अवॉर्ड वापस करने के निर्णय के बाद से देशभर में खेल जगत से लेकर राजनीतिक जगत में हलचल मची हुई है। बृजभूषण सिंह के करीबी संजय सिंह को इंडियन रेसलिंग फेडरेशन (डब्ल्यूएफआई) का अध्यक्ष बनाने के बाद खिलाड़ियों में आक्रोश पैदा हो गया था। देशभर के कई पहलवान विरोध में उतर गए थे, विपक्ष भी हमलावर हो गया। अब केंद्र सरकार पहलवानों के आगे चित हो गई है। आनन-फानन में भारतीय खेल मंत्रालय ने नवनियुक्त भारतीय कुश्ती संघ को निलंबित कर दिया है।
बता दें कि इस साल पहलवानों के विरोध के बाद भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को कुश्ती संघ के अध्यक्ष के पद से हटा दिया था। उसके बाद चुनाव हुआ और बृजभूषण शरण के ही करीबी संजय सिंह चुनाव जीत गए। संजय सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद दिग्गज पहलवान साक्षी मलिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुश्ती छोड़ने का एलान कर दिया था। उनके बाद बजंरग पूनिया ने पद्मश्री लौटा दिया था। उनके अलावा हरियाणा के पैरा एथलीट वीरेंद्र सिंह ने पद्म श्री लौटाने का एलान कर दिया था। बताया जा रहा है कि सरकार ने नियमों की अवहेलना के कारण कुश्ती संघ को निलंबित किया। सूत्रों के अनुसार, नए निकाय ने डब्ल्यूएफआई संविधान का पालन नहीं किया है। मंत्रालय ने कहा है कि फेडरेशन को समाप्त नहीं किया गया, बल्कि अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। कहा गया है कि उन्हें बस उचित प्रक्रिया और नियमों का पालन करने की जरूरत है।

बृजभूषण सिंह ने कुश्ती संघ से लिया संन्यास

बृजभूषण शरण सिंह ने फेडरेशन को सस्पेंड किए जाने पर ऐतराज जताते हुए अपने संन्यास की घोषणा की है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, `मैं कुश्ती संघ से संन्यास ले चुका हूं। अब सरकार के फैसले पर जो भी बात करनी होगी, वो नई फेडरेशन करेगी। मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है। मैं सांसद हूं और अपने काम पर फोकस करूंगा।’ दरअसल, सरकार द्वारा डब्ल्यूएफआई को निलंबित करने के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने नई दिल्ली में ही मीडिया के सामने अपनी बात रखी।

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