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किचन पर केंद्र का कहर!.. एलपीजी का बांध दिया कोटा, साल में मिलेंगे सिर्फ १५ सिलिंडर

सामना संवाददाता / मुंबई
केंद्र की भाजपा सरकार ने किचन पर वार किया है, यानी किचन में लगनेवाले गैस सिलिंडर पर भी अब बंधन लगा दिया है। किचन में लगनेवाले गैस सिलिंडर के महीने में केवल दो का कोटा निश्चित कर दिया है। इस बात को लेकर राकांपा नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है।

उन्होंने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि देशवासियों के घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडर के उपयोग पर बंधन लाकर केंद्र की भाजपा सरकार ने नागरिकों के भोजन, पर्व-उत्सव करने पर मतलब मूलभूत अधिकार पर बंधन लगा दिया है।

सुप्रिया सुले ने ट्वीट के जरिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर मोदी सरकार ने देश में महिलाओं के हितों के लिए पैâसला लेने की बजाय गृहिणियों की चिंता को बढ़ाने का काम किया है। केंद्र सरकार ने एक तरफ एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ाने के साथ ही दूसरी तरफ गैस सिलिंडर की खपत को सीमित करने का निर्णय लेकर असंवेदनशील काम किया है।
केंद्र के नए नियमों के मुताबिक, उज्ज्वला योजना के गैर-लाभार्थी के लिए केवल १५ और सब्सिडीवाले ग्राहक के लिए एक वर्ष में १२, दोनों के लिए महीना का दो कोटा निश्चित करके मोदी सरकार ने गृहिणियों की चिंता को और बढ़ा दिया है। सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि यह खबर पढ़कर सचमुच स्तब्ध रह गई हूं।

दूसरी ओर यदि किसी ग्राहक को गैस सिलिंडर की आवश्यकता है तो उसे गैस सिलिंडर कंपनी के अधिकारियों की अनुमति लेनी होगी, उसके बाद ग्राहक को उससे संबंधित प्रमाण प्रदान करने सहित दस्तावेज जमा करने के बाद ही अतिरिक्त रिफिल प्राप्त कर सकता है। सांसद सुले ने यह भी सीधा आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार एक तरफ तो ‘ई-गवर्नेंस’ को लेकर खूब शोर मचाती है और दूसरी तरफ नागरिकों को तरह-तरह से परेशान करती है। केंद्र सरकार की यह नीति गलत है। दीपावली से पहले केंद्र सरकार के इस निर्णय ने पूरे महिला वर्ग का मजाक बना दिया है। सांसद सुप्रियाताई सुले ने कहा कि मेरे समेत देश में कई गृहिणियां सोच रही हैं कि घर गृहस्थी को वैâसे चलाया जाए?

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