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केंद्र का हस्तक्षेप मंजूर नहीं!…. राष्ट्रपति शासन लगाया तो जनता कर देगी विद्रोह

• जयंत पाटील की चेतावनी
सामना संवाददाता / मुंबई । राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाकर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग करनेवाले विरोधियों पर जल संसाधन मंत्री जयंत पाटील ने पलटवार किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि राज्य के मामलों में केंद्र को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। यदि सूबे में राष्ट्रपति शासन लगाया गया तो जनता भड़क उठेगी और विद्रोह कर देगी।
संभाजी नगर में पत्रकारों से बातचीत में जयंत पाटील ने भाजपा की जमकर खबर ली। उन्होंने कहा कि सत्ता की लालसा लिए बैठे भाजपा के सभी प्रयास विफल हो गए हैं। इसीलिए हताश विपक्ष राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिशों में जुटा हुआ है। भाजपा गंदी सियासत कर रही है लेकिन महाविकास आघाड़ी सरकार इससे नहीं घबराती।
शिवसेनाप्रमुख ने सिखाया भाजपा को हिंदुत्व
पाटील ने कहा कि जिस हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने भाजपा को हिंदुत्व सिखाया, उन्हीं के घर पर जाकर हनुमान चालीसा पढ़ने की चुनौती दी गई। इससे दुर्भाग्यपूर्ण बात क्या हो सकती है? कोई हमारे घर में घुसने की चुनौती देगा, तो खुद की रक्षा के लिए प्रयास तो होता ही है‌। भाजपा कितने निचले स्तर पर जाकर राजनीति कर सकती है, यह इसका स्पष्ट उदाहरण है।
भाजपा कर रही हनुमान चालीसा का गैर-इस्तेमाल – सावंत
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘हनुमान चालीसा’ संकट मोचन का स्तोत्र है। अफसोस है कि देश को संकट में डालने के लिए इसका उपयोग किया जा रहा है। भक्ति के इस मार्ग का राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए भाजपा इसका गैर-इस्तेमाल कर रही है। यह हनुमान जी और हिंदू धर्म का अपमान है। उन्होंने कहा कि गुजरात को आगे ले जाने के लिए महाराष्ट्र का पांव खींचा जा रहा है‌।

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