मुख्यपृष्ठनए समाचारनौकरी नहीं दे रही केंद्र सरकार, बिजनेस को तवज्जो दे रहे युवा,...

नौकरी नहीं दे रही केंद्र सरकार, बिजनेस को तवज्जो दे रहे युवा, बेरोजगार! हर १० में से ७ करना चाहते हैं कारोबार

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
केंद्र में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा ने देश से बेरोजगारी को खत्म करने वादा की थी। २०१४ में केंद्र सरकार ने कहा था कि अगले १० साल यानी २०२४ तक १६ करोड़ बेरोजगारों को नौकरी दी जाएगी। इसके बाद २०२२ में पीएम ने ट्वीट कर सभी विभागों और मंत्रालयों में अगले डेढ़ साल के दौरान १० लाख लोगों की भर्ती करने का निर्देश दिए थे। उस निर्देश के बाद विपक्षी पार्टियों ने तंज भी कसा था। विपक्षी पार्टियों का कहना था कि १६ करोड़ से १० लाख पर आ गए। उन्होंने ये भी कहा था कि ६० लाख पद तो केवल सरकारों में खाली पड़े हैं, ३० लाख पद केंद्र सरकार में खाली पड़े हैं। जुमलेबाजी कब तक? हालांकि, केंद्र सरकार के वादे सच में जुमलेबाजी ही साबित हुई और देश में करोड़ों युवा बेरोजगार हैं। इस केंद्र सरकार और बेरोजगारी से तंग आकर युवा अब नौकरी से ज्यादा बिजनेस को तवज्जो देने लगे हैं। देश का हर १० में से ७ युवा कारोबार करना चाहता है।
एक सर्वे में सामने आया है कि भारत के लोग नौकरी से ज्यादा कारोबार करने को तव्ज्जों दे रहे है। लोकल सर्किल की ओर से किए गए इस सर्वे के मुताबिक, हर १० में से ७ भारतीय कारोबार को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है। उन्हें लगता है कि नौकरी के मुकाबले कोरबार करना बेहतर है और इसमें ग्रोथ भी ज्यादा है। लोकल सर्किल ने लिए देश के ३७९ जिलों में इस सर्वे को किया। इसमें पाया गया कि ४४ फीसदी से ज्यादा लोग इस बात को मान रहे हैं कि नौकरी से ज्यादा अच्छा अपना कारोबार करना है। भले ही कारोबार छोटा क्यों न हो, लेकिन इसमें आगे बढ़ने का स्कोप है।
क्या है बेहतर
ऑक्सफेम इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में नौकरी और कारोबार करने वालों का वेल्थ गैप काफी बढ़ा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश की ५ फीसदी आबादी ही ऐसी है, जिनके पास देश का ६० फीसदी वेल्थ है। इसके अलावा ५० फीसदी आबादी के पास टोटल वेल्थ में हिस्सेदारी केवल ३ फीसदी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, वेल्थ का बड़ा हिस्सा कारोबार से ही है। लोकल सर्किल के सर्वे में इस बात को माना गया है कि भारत में रोजगार को लेकर चुनौतियां है। जिस तरह से बीते एक साल में ताबड़तोड़ छंटनियां हुई है, उसका असर भी इस पर देखा गया है, वहीं इस दौरान कारोबार के मौके बढ़े हैं। इस सर्वे के मुताबिक, आने वाले ४ सालों में भारत में कारोबार के मौके और तेजी से बढ़ेंगे।
कारोबार करना आसान
इस सर्वे में ५५ फीसदी लोगों का मानना है कि भारत में कारोबार के अवसर आने वाले समय में और तेजी से बढ़ने वाले है। खासकर २०२७ तक बिजनेस करने वालो का ग्रोथ काफी ज्यादा होगा। एपल से लेकर कई बड़ी कंपनियां भी अपने कारोबार का विस्तार भारत में कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि इंडिया आने वाले समय में दुनिया के कारोबार का हब बन सकता है। इस सर्वे में ४४ फीसदी लोग मानते है कि कारोबार विस्तार तो तेजी से होगा। कारोबार के नए मौके भी बनेंगे, लेकिन इसका फायदा कुछ ही लोगों को मिल सकेगा।

अन्य समाचार