मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबई डिविजन की चुनिंदा ट्रेनों में ७ अप्रैल से मिलेंगे चादर-कंबल

मुंबई डिविजन की चुनिंदा ट्रेनों में ७ अप्रैल से मिलेंगे चादर-कंबल

सुजीत गुप्ता / मुंबई । लंबी दूरी की मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में अब दोबारा चादर-कंबल देने की घोषणा रेलवे ने की है। हालांकि रेलवे की इस सुविधा का लाभ उठाने वाले यात्रियों को अभी लंबा इंतजार करना होगा। रेलवे के अधिकारियों द्वारा बताया जा रहा है कि दोबारा इन व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए नए सिरे से चादर और कंबल की व्यवस्था करनी होगी। इस व्यवस्था के लिए करीब दो से ढाई महीने का समय लगेगा। इसके बाद ही चरणबद्ध तरीके सभी ट्रेनों के एसी क्लास डिब्बों में यात्रियों को चादर और कंबल दिए जाएंगे। फिलहाल मुंबई डिविजन की कुछ चुनिंदा ट्रेनों में ७ अप्रैल से चादर-कंबल दिए जाएंगे।
९ लाख बेडरोल की है आवश्यकता
मध्य रेलवे को अपनी ट्रेनों के लिए ४,७०,९०० बेडरोल की जरूरत है, जबकि फिलहाल १,१४,४०० बेडरोल ही उपलब्ध है। इसी तरह, पश्चिम रेलवे को रोजाना ४.५ लाख बेडरोल की जरूरत है, जबकि १.४० लाख ही उपलब्ध हैं। एक अधिकारी ने बताया कि जहां इन बेडरोल की धुलाई होती है, वहां मशीनों के पार्ट्स भी यूरोप से मंगाने पड़ते हैं। अब दो साल से बंद पड़ी मशीनों को मरम्मत की कितनी जरूरत है, ये भी देखना होगा।
ये है वॉशिंग प्लांट की स्थिति
पश्चिम रेलवे के पास कुल ७ वॉशिंग प्लांट हैं, जहां रोजाना ५० टन लिनेन की धुलाई होती है। मध्य रेलवे के पास कुल ६ वॉशिंग प्लांट हैं, जहां रोजाना करीब ४५ टन लिनेन धुलाई की व्यवस्था है। पश्चिम रेलवे जल्द ही अपनी अमदाबाद स्थित बूट (बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसपोर्ट) लांड्री और चार डिपार्टमेंट लांड्री शुरू करने जा रही है। पश्चिम रेलवे की डिपार्टमेंट लांड्री ग्रांट रोड, सूरत, इंदौर और जूनागढ़ में हैं जिनकी धुलाई क्षमता कम है। लेकिन अमदाबाद स्थिति बूट लांड्री में रोजाना १६ टन लिनेन की क्लीनिंग हो सकती है।
‘ट्रेनों में बेडरोल मुहैया कराने और वॉशिंग प्लांट को शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक सप्ताह में परिणाम आने लगेंगे। ७ अप्रैल से मुंबई की कुछ मुख्य ट्रेनों में बेडरोल की शुरुआत हो रही है।’
– सुमित ठाकुर, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी-पश्चिम रेलवे

अन्य समाचार