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चंद्रयान-३ ने लगाया पता, जानलेवा है चंद्रमा के साउथ पोल की जमीन!

मिट्टी है ५० डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म, इसरो ने जारी किया नया अपडेट

एजेंसी / नई दिल्ली

पृथ्वी के बाहर जीवन की संभावना की तलाश में दुनियाभर के वैज्ञानिक जुटे हैं। चंद्र, मंगल, बुध, शुक्र के अलावा दूसरी आकाश गंगाओं को भी खंगाला जा रहा है। इसी अभियान के तहत हिंदुस्थान का चंद्रयान-३ गत २३ अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा है। चंद्रयान-३ के प्रज्ञान रोवर द्वारा भेजी गई जानकारियों से यह पता चला है कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की मिट्टी बेहद गर्म है। इसके १० डिग्री से ५० डिग्री सेल्सियस तक या उससे भी अधिक गर्म होने का अनुमान लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि ४८ से ५० डिग्री के बीच तापमान में इंसान की मांसपेशियां पूरी तरह से काम करना बंद कर सकती हैं, यहां तक कि इससे किसी की जान भी जा सकती है।
भारत के चंद्रयान-३ मिशन के रोवर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद मिट्टी की जांच शुरू कर दी है। इसरो ने रविवार (२७ अगस्त) को ट्वीट (एक्स) कर इस बारे में जानकार दी। इसरो ने बताया कि अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में पहली बार चंद्रयान ३ ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की मिट्टी की जांच की। सतह के नीचे १० सेमी तक इसके तापमान में अंतर था।
इसरो ने कहा, ‘ये पहली बार है कि दक्षिणी ध्रुव के आसपास चंद्रमा की मिट्टी के तापमान की प्रोफाइलिंग की जा रही है, क्योंकि पहली बार किसी देश ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग की है।’ इसरो ने मिट्टी के तापमान पर एक ग्राफ भी शेयर किया है। ग्राफ में तापमान-१० डिग्री सेल्सियस से ५० डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तक दिखाई दे रहा है।
स्पेस एजेंसी ने कहा, ‘ChaSTE hes पेलोड चंद्रमा की सतह के थर्मल बिहेवियर को समझने के लिए, ध्रुव के चारों ओर चंद्रमा की ऊपरी मिट्टी के तापमान प्रोफाइल को मापता है। इसमें तापमान जांचने का यंत्र है जो सतह के नीचे १० सेमी की गहराई तक पहुंचने में सक्षम है।’

की गई मिट्टी के तापमान की प्रोफाइलिंग
इसरो ने बताया कि इसमें १० अलग-अलग तापमान सेंसर लगे हैं। इस ग्राफ में चंद्रमा के तापमान के अंतर को दिखाया गया है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के लिए ये पहली ऐसी प्रोफाइल है। आगे की रिसर्च भी चल रही है। शनिवार को इसरो ने बताया था कि चंद्रयान-३ मिशन के तीन में से दो उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे उद्देश्य के तहत वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं। साथ ही चंद्रयान-३ मिशन के सभी पेलोड सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। चंद्रयान-३ ने २३ अगस्त को चांद के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग की थी।

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