चंद्रयान का सफर

चंद्रयान की ओर थमी थी सबकी नज़र,
चंद्रयान ने की शुरू यात्रा चंद्रमा पर बसर।।
वैज्ञानिकों के धैर्य और संघर्ष का अनूठा संगम,
उत्कृष्टता की ओर यात्रा का रखा पहला कदम।।
कामयाबी हृदय में लिए साउथ पोल की ओर बढ़ दिए,
अनुपम सफलता उपहार में पाकर दम लिए।
कर्मठता और साहस से भरा था उनका मन,
चंद्रयान को पहुंचाने का स्वप्न था अनुपम।।
हमसे थे दूर हमारे ये प्यारे चंदा मामा ,
रक्षाबंधन पर मां को था अपने मायके जाना।।
मामा से हमने धरती मां को अब मिलवा दिया,
हर देश के समक्ष सफलता का पंचम लहरा दिया।।
चंद्रमा पर पहुंचकर ज्ञान है आज गर्व,
विज्ञान में देखो छाया है एक नया पर्व।।

डॉ. निशा सतीश चंद्र मिश्रा
मिरारोड, मुंबई

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