मुख्यपृष्ठनए समाचारबच्चू कडू का कड़वा डोज ... धोखा देनेवाले बनाए गए मंत्री

बच्चू कडू का कड़वा डोज … धोखा देनेवाले बनाए गए मंत्री

सामना संवाददाता / मुंबई
धोखा देनेवालों का राज है, जो अधिक धोखा देगा, वह बड़ा नेता होगा। धोखा देने से ही कई दल बड़े हुए, वह चाहे भाजपा, शिवसेना हो अथवा कोई अन्य, बगावत सभी जगह हुई है। कौन से दल में बागी नहीं हैं? बागियों का राज है। बगावत करके जो आता है, उसे सबसे पहले मंत्री पद मिलता है। मंत्री पद न मिलने से नाराज विधायक बच्चू कडू ने इन शब्दों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा को ‘कड़वा’ डोज देते हुए घेरा है।
महाविकास आघाड़ी सरकार में बच्चू कडू राज्य मंत्री थे। इसके बावजूद उन्होंने बागियों के गुट से हाथ मिलाया था। इसके बावजूद बच्चू को शिंदे-फडणवीस सरकार में मंत्री पद नहीं मिला। ऐसे में जल बिन मछली जैसी अवस्था में पहुंचे बच्चू कडू ने कल एक बार फिर मुख्यमंत्री शिंदे से मुलाकात की और पत्रकारों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जो देरी से आया उसे पहली कतार और जो पहले गया उसे अंतिम कतार में बैठाया गया है। लेकिन इसकी कोई नाराजगी नहीं है। राजनीति में ऐसे चलते रहता है। हमें वह समझ है। केवल मंत्री पद के लिए हम नहीं गए थे। सिर्फ मंत्री पद है, इसलिए बच्चू कडू नहीं है। मंत्री पद से अधिक बच्चू कडू का महत्व है। इसलिए इसका अधिक दुख नहीं है।
…तो अलग विचार करेंगे
मैंने केवल मंत्री पद के लिए शिंदे गुट को समर्थन नहीं दिया था। कुछ मुद्दों के आधार पर समर्थन दिया था। यदि उन मुद्दों पर विचार नहीं किया गया, तो हम अलग विचार करेंगे। ऐसी चेतावनी बच्चू कडू ने दी है। उन्होंने कहा कि आश्वासन दिए गए थे, इसलिए हम मांग कर रहे हैं अन्यथा नहीं किए होते।
इतना नाराज नहीं कि अपना घर छोड़कर दूसरे दल में जाऊं
कडू ने कहा कि नाराजगी नहीं है, ऐसा नहीं है। थोड़ी नाराजगी रहती ही है। लेकिन इतना नहीं कि अपना घर छोड़कर दूसरे दल में निकल जाऊं। यह क्षणिक नाराजगी है। अभी पूरी तरह से मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ है। मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार हुआ होता और मौका नहीं मिलता तो बात अलग होती।
ढाई साल बाद भी आ सकती है दूसरी सूची
एकनाथ शिंदे ने हम आपको मंत्री बनाएंगे, ऐसा आश्वासन देकर शपथ लिया था। पहली सूची में नाम नहीं है, तो आखिरी सूची में होगा, ऐसी आशा बच्चू कडू ने व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दूसरी सूची ढाई साल बाद भी आ सकती है। राजनीति में कुछ भी हो सकता है। यहां दो-दो चार नहीं पांच होता है।
लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार
बच्चू कडू ने बागियों के बारे में टिप्पणी की है, फिर भी भाजपा को जोरदार मिर्ची लगी है। लोकतंत्र में सभी को बोलने का अधिकार है। लेकिन बच्चू कडू इसे अपने तक ही सीमित रखें। ऐसा कहते हुए भाजपा नेता आशीष शेलार ने एक तरह से कडू को चेताया है।

अन्य समाचार