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तनाव और परेशानी की स्थिति में था चेतन सिंह … जयपुर-मुंबई ट्रेन की सीसीटीवी फुटेज से खुलासा

दो कोच में नहीं था कैमरा, कैद नहीं हो पाई पूरी घटना

सामना संवाददाता / मुंबई
जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट पैसेंजर एक्सप्रेस में सोमवार  को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक जवान ने आरपीएफ के एक एएसआई सहित  चार लोगों की हत्या कर दी थी। यह दुखद घटना ८वें कोच बी-५ कोच में हुई, जहां आरोपी ने एएसआई टीकाराम और एक यात्री पर शुरुआती हमले किए। इसके बाद आरोपी इंजन से १४वें कोच एस-६ की ओर बढ़ा, जहां उसने दो और यात्रियों की हत्या कर दी। जयपुर-मुंबई सुपर फास्ट ट्रेन के इंजन से बी-१ और बी-३, १०वीं और १२वीं बोगियों से गुजरते समय आरोपी की हरकत कैद हो गई, जहां सीसीटीवी लगे हुए थे। विशेष रूप से, सबसे अधिक बी-५ और एस-६, में गोलीबारी हुई थी, लेकिन वहां सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध नहीं थे।
सभी कोचों में नहीं हैं सीसीटीवी सूत्रों का कहना है कि बी-१ और बी-३ कोच से गुजरते समय, आरोपी अत्यधिक तनाव और आपात स्थिति में लग रहा था, जैसा कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में, सभी कोच कैमरों से लैस नहीं हैं, लेकिन भविष्य में सभी कोचों में निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम जारी है।

यात्रियों को १० लाख का मुआवजा 
पश्चिम रेलवे के अधिकारी  से मिली जानकारी के अनुसार ३१ जुलाई, २०२३ को ट्रेन नंबर १२९५६ जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस में गोलीबारी की घटना के मद्देनजर व्यापक जांच करने के लिए एडीजी/आरपीएफ (एचएजी) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति में ५ अधिकारी शामिल होंगे।  इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मरने वाले यात्रियों के लिए १० लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है। एएसआई टीकाराम के परिवार को सेवा नियमों के अनुसार राशि मिलेगा।

 एक व्यक्ति हैदराबाद का
सोमवार ३१ जुलाई को जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में आरपीएफ कांस्टेबल द्वारा की गई गोलीबारी में मारे गए चार पीड़ितों में से एक की पहचान नही हो पाई थी। जिसे लेकर कई सवाल उठ रहे थे। प्रशासन द्वारा पहचान करने में २४ घंटे से ज्यादा समय लग गया है। मिली जानकारी के अनुसार यह चौथा मृतक हैदराबाद के निवासी के रूप में की गई है। सूत्रों के अनुसार नामपल्ली के निवासी ४८ वर्षीय सैयद सैफुद्दीन में को गई है। सोमवार को आरपीएफ कांस्टेबल द्वारा पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं। उनकी सबसे छोटी बेटी छह माह की है।

आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष
आरोपी आरपीएफ जवान को अदालत ने ७ अगस्त तक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद चेतन सिंह के वकील सुरेंद्र लांडगे ने कुछ देर पहले  बात की। साथ ही चेतन सिंह से क्या बातचीत हुई? लांडगे ने इस बारे में भी जानकारी दी। चेतन सिंह के वकील सुरेंद्र लांडगे ने कहा कि पुलिस ने कोर्ट को बताया कि हम मामले की जांच करना चाहते हैं आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है । उनकी मेडिकल जांच अभी बाकी है।  इसलिए पुलिस ने चेतन सिंह की हिरासत की मांग की।

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