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छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक नहीं बना सके … अब चले हैं बाघ-नख लाने! …नेता विपक्ष का सरकार पर तंज

• ‘वोट हासिल करने की नई चाल’
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में ‘बाघ नख’ (छत्रपति शिवाजी महाराज) का बाघ के पंजे के आकार का हथियार लाने की योजना को लेकर भी प्रतिपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने ईडी सरकार पर निशाना साधा है। ‘जो लोग अरब सागर में शिवाजी महाराज का स्मारक भी नहीं बना सकते, वे अब यहां बाघ नख लाने की चर्चा कर रहे हैं। यह सब वोट हासिल करने की नई चाल है। उन्होंने राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की आलोचना की और पूछा कि राज्य में सरकारी नौकरियों में ओबीसी समुदाय के लिए निर्धारित १५ प्रतिशत सीटें खाली क्यों पड़ी हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरियों में २७ प्रतिशत आरक्षण है, जबकि ओबीसी कर्मचारियों में से केवल १२ फीसदी ही वास्तव में काम कर रहे हैं। बाकी १५ फीसदी सीटें खाली क्यों रखी गई हैं? वडेट्टीवार ने यह भी आरोप लगाया कि ओबीसी प्रमाणपत्रों का आवंटन गुप्त रूप से किया जा रहा है। वडेट्टीवार ने कहा कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए राजनीतिक आरक्षण बहाल करने का वादा किया था। उन्हें सत्ता में आए डेढ़ साल से अधिक समय हो गया है, क्या वह अपना वादा निभाएंगे?

बिहार की तर्ज पर हो ‘जाति आधारित जनगणना’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार को बिहार की तर्ज पर ‘जाति आधारित जनगणना’ करानी चाहिए। वडेट्टीवार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे सरकार इस तरह की कवायद से बच रही है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘बिहार सरकार के जाति आधारित जनगणना कराने के पैâसले की तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार को भी ऐसा ही करना चाहिए। मुझे समझ में नहीं आता कि महाराष्ट्र सरकार राज्य में ऐसी जनगणना कराने से क्यों बच रही है? हमारे नेता राहुल गांधी देश में जाति आधारित जनगणना कराने की लगातार मांग कर रहे हैं। वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र सरकार पर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण के संबंध में समय बर्बाद करने का आरोप लगाया।

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