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छत्तीसगढ़ की घेराबंदी : ‘ईडी’ का डबल स्टैंडर्ड! … कांग्रेस ने केंद्र को घेरा

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर विपक्षी नेताओं को परेशान करनेवाली केंद्रीय जांच एजेंसी ‘ईडी’ का डबल स्टैंडर्ड सामने आया है। एक मामले को जहां जोर-शोर से उछालकर उसने विपक्षी नेता को बदनाम किया है, वहीं उसी जैसे केंद्रीय मंत्री के बेटे के दूसरे मामले में उसने चुप्पी साध ली है। ‘ईडी’ के इस रवैये पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को जमकर लताड़ लगाई है।

बता दें कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान से चार दिन पहले महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में ५०८ करोड़ रुपए के लाभार्थी के रूप में भूपेश बघेल का नाम बताने के लिए केंद्र को घेरा है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लोगों के मतदान से कुछ दिन पहले कांग्रेस की छवि खराब करने के लिए मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का नाम खींचकर ईडी का दुरुपयोग किया है। बघेल के बहाने केंद्र ने छत्तीसगढ़ की घेराबंदी की है। दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वो खनन कंपनियों के कथित प्रतिनिधियों के साथ करोड़ों रुपए की बात करते हुए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे खुलेआम रिश्वतखोरी बताकर ईडी को मामले की जांच करने की बात कही थी। पर ईडी ने मामले में चुप्पी साध रखी है, जबकि देवेंद्र का कहना है कि यह एक फेक वीडियो है। इसके साथ ही देवेंद्र ने इस वीडियो को लेकर अज्ञात के खिलाफ मुरैना में मामला भी दर्ज करा दिया है। गौरतलब है कि देवेंद्र के पिता नरेंद्र सिंह तोमर मध्य प्रदेश की दिमनी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। मगर उनके मामले में ईडी मौन है। इधर महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाले के मामले में ईडी का कहना है कि एक संदिग्ध के ईमेल बयान से पता चला है कि ऐप प्रमोटरों ने बघेल को ५०८ करोड़ रुपए की रिश्वत दी थी और लगभग ५.३९ करोड़ रुपए नकद, जो कांग्रेस के चुनाव खर्च के लिए दिए जाने थे, जब्त कर लिए गए।

जुलाई २०२२ में शुरू हुए ‘पीएमएलए’ कानून के तहत महादेव सट्टेबाजी ऐप जांच में कई संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। इसी मामले में रणबीर कपूर जैसे अभिनेताओं को भी ईडी ने पहले पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
उधर, रविवार को हिंदुस्थान में ऐप को ब्लॉक करने के बाद बघेल ने इस मामले में केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैंने पहले ही कहा है कि भाजपा ने छत्तीसगढ़ चुनावों में अपनी हार की आशंका जताते हुए ईडी को सामने कर रखा है। इस मामले में नकदी के साथ जो शख्स गिरफ्तार हुआ है, उसे बघेल ने भाजपा का करीबी बताया है। कांग्रेस नेता ने बताया कि उन्होंने ईडी से ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए इस्तेमाल किए गए संदिग्ध बैंक खातों को तुरंत प्रâीज करने को कहा। उन्होंने कहा कि हर बार जब भाजपा चुनाव में अपनी संभावित हार देखती है, तो वह ईडी जैसी एजेंसियों को विपक्षी नेताओं और उनके सहयोगियों के पीछे विभिन्न मामलों में आरोपी के रूप में घसीटने के लिए लगाती है। कांग्रेस का दावा है कि ईडी ने मामले के प्राथमिक आरोपी व्यक्तियों में से एक द्वारा जारी किए गए वीडियो के आधार पर महादेव ऐप जांच में बघेल का नाम लिया है, लेकिन इस दावे को साबित करने के लिए उसके पास कोई ठोस सबूत नहीं है। कांग्रेस ने वीडियो में किए गए दावों की प्रारंभिक जांच किए बिना बयान में एक मुख्यमंत्री का नाम लेने के लिए ईडी पर भी सवाल उठाया है।
ईडी से पहले भाजपा नेता देते हैं जानकारी
अधिकांश मामले में ये भाजपा नेता ही होते हैं, जो ईडी से पहले विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाइयों की जानकारी देते हैं। भाजपा नेता उन्हें प्रेस के सामने बताते हैं। दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में आम आदमी पार्टी के नेताओं और बघेल के खिलाफ मामलों में यह स्पष्ट रूप से नजर आया। भाजपा ने सबसे पहले वीडियो जारी किया, जिसमें संदिग्ध ने बघेल का नाम लिया। ईडी ने बाद में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का नाम बताया।

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