मुख्यपृष्ठटॉप समाचारमुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री पूंजीपतियों के दलाल!

मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री पूंजीपतियों के दलाल!

सामना संवाददाता / मुंबई

धारावीकरों के न्याय और अधिकार के लिए सड़कों पर उतरने वाले मुंबईकरों का मजाक उड़ाने वाले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के दलाल हैं, ऐसा हमला शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने किया है।
संजय राऊत ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के बयान पर संज्ञान लिया। हां, मोर्चा में वे लोग बाहर से आए थे। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान भेजने के साथ जो यातायात शुरू हुआ, वह वहीं से आया। लेकिन सवाल मुंबई, धारावी का था। उसके लिए लोगों को चंद्रमा से, सूर्य से, मंगल से आने दो। बल्कि उन लोगों के मुंह में जो दहाड़ थी ‘धारावी बचाओ, मुंबई बचाओ’ और ‘अडानी के गले से मुंबई को बाहर निकालो’, यह मुंबई और देश की मांग होने की बात संजय राऊत ने कही।
संजय राऊत ने आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को पता है कि वह किसकी दलाली कर रहे हैं, उन्हें बताना चाहिए कि क्या उन्होंने अपने मराठीपन को दिल्ली के पैरों के नीचे रख दिया है, ऐसा कहते हुए उन्होंने पूछा है कि मुंबई को पूंजीपति के गले में दहेज के रूप में दे दिया है?

देश से छीना जा रहा रोजगार

पूरे मुंबई, महाराष्ट्र और देशभर से नौकरियां एक राज्य में ले जाई जा रही हैं। यह इजरायल की नीति है। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि मुंबई, कोलकाता, बिहार में ठेके एक राज्य को दिए जा रहे हैं, क्या इस देश में अन्य राज्य नहीं हैं? यह बहुत गंभीर मामला होने की बात संजय राऊत ने कही।

केंद्र सरकार चर्चा से भाग रही है

संजय राऊत ने संसद में हुई घटना के लिए भी केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। देश के गृहमंत्री को संसद में आकर इस पर चर्चा करनी चाहिए। संजय राऊत ने यह भी सवाल उठाया कि यह सरकार चर्चा से क्यों भाग रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में जो हुआ वह युवाओं द्वारा बेरोजगारी की निराशा से उठाया गया कदम था।

रामलला के दर्शन से बेरोजगारी की समस्या नहीं होगी दूर

बेरोजगार युवाओं को रामलला के मुफ्त दर्शन कराए जाएंगे। रामलला के दर्शन से बेरोजगारी की समस्या दूर नहीं होगी। इन घटनाओं के लिए सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि युवाओं के मन में विद्रोह की भावना है। संजय राऊत ने मोदी सरकार पर टीका करते हुए कहा कि जब सरकार दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देनेवाली थी? उसका क्या हुआ।

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