मुख्यपृष्ठनए समाचारअवैध निर्माणों को मुख्यमंत्री का संरक्षण! ...राजनीतिक दबाव में मनपा आयुक्त लाचार

अवैध निर्माणों को मुख्यमंत्री का संरक्षण! …राजनीतिक दबाव में मनपा आयुक्त लाचार

कार्रवाई की चेतावनी का असर हो रहा बेअसर
सामना संवाददाता / ठाणे
मुख्यमंत्री के ठाणे शहर में निर्मित या निर्माणधीन अवैध इमारतों को खुलेआम सत्ता का संरक्षण मिल रहा है, मनपा आयुक्त अधिकारियों पर कार्रवाई की बार बार चेतावनी दे रहे हैं पर इसका असर अभी तक देखने को नहीं मिला है। जिन निर्माणों को सत्ता का समर्थन नही है, उन्हें मनपा के अधिकारियों की मिलीभगत से पूरा किया जा रहा है, कार्रवाई के नाम पर अधिकारियों को छुट्टी पर भेजने का नाटक किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा सत्र के दौरान कलवा, मुंब्रा, दिवा, कोपरी, माजीवडा, मानपाड़ा तथा येऊर आदि परिसरों में हो रहे या हो चुके अवैध निर्माणों तथा लाखों के एफएसआई की चोरी का मुद्दा उठा था। इस पर मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माणकर्ताओं तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने का एलान किया था। इसके बावजूद किसी तरह की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। मुंब्रा शंकर मंदिर के सामने स्थित वषों पुरानी जिस शिवसेना शाखा को सत्ता की शह पर जमींदोज कर दिया गया था, अब उसी जगह पर शिंदे गुट के कार्यालय का नवनिर्माण खुलेआम किया जा रहा है। स्थानीय विधायक जितेंद्र आव्हाड इसकी शिकायत सोशल मीडिया के माध्यम से मनपा आयुक्त से कई बार कर चुके हैं। इसी तरह से मुंब्रा तथा दिवा सहित शहर के अन्य भागों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण का काम चल रहा है। फोटो के साथ पूरी जानकारी आयुक्त को उपलब्ध करा दी गई है, इसके बावजूद किसी अधिकारी या अवैध निर्माणकर्ता पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कारण कि शहर में उन्हीं अवैध इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, जिसे सत्ता का पूरा समर्थन हासिल है। सत्ता समर्थन के बिना कुछ अवैध इमारतों का निर्माण कलवा में किया गया था, उसी के मद्देनजर सहायक आयुक्त को जिम्मेदार मानते हुए ४५ दिन की अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया गया है। लेकिन उसी कार्रवाई की आड़ में सत्ता के समर्थन से दिवा, मुंब्रा सहित अनेक ठिकानों पर अवैध इमारतों के निर्माण का काम खूब धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस पर किसी तरह की कार्रवाई नही की जा रही है। समाज के जागरूक नागरिकों द्वारा इस तरह के आरोप लगाए जा रहे है।

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