मुख्यपृष्ठनए समाचारचार सदस्यीय समिति की सामने आई रिपोर्ट : ‘प्रोटीन सी’ की कमी...

चार सदस्यीय समिति की सामने आई रिपोर्ट : ‘प्रोटीन सी’ की कमी से दुर्लभ विकार से ग्रस्त हुआ बच्चा!

चार सदस्यीय समिति की सामने आई रिपोर्ट : ‘प्रोटीन सी’ की कमी से दुर्लभ विकार से ग्रस्त हुआ बच्चा!

• बच्चे का हाथ अलग करने में नहीं बरती गई असावधानी
सामना संवाददाता / मुंबई
ढाई महीने के बच्चे का शरीर अचानक नीला पड़ने लगा, जिस कारण उसे बचाने के लिए शरीर से दाहिने हाथ को काटकर अलग करना पड़ा। यह मामला उजागर होने और परिजनों के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाए जाने के बाद मनपा के अतिरिक्त आयुक्त द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति ने रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बच्चे के उपचार में किसी तरह की कोई भी असावधानी नहीं बरती गई है। बच्चा ‘प्रोटीन सी’ की कमी के दुर्लभ विकार से ग्रस्त है। इससे खून के थक्के बनने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में बच्चे की जान बचाने के लिए उसका दाहिना हाथ काटना पड़ा है। फिलहाल समिति की यह प्रारंभिक रिपोर्ट है। अभी अंतिम रिपोर्ट सौंपी जानी बाकी है।
जानकारी के अनुसार, मनपा के केईएम अस्पताल में बच्चे का जन्म समय से पहले हुआ था। इसके चलते उसका वजन कम था और कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं पैदा हो गई थीं। इस स्थिति में उसे निगरानी के लिए ‘नवजात गहन देखभाल इकाई’ में रखा गया था। इसके साथ ही बच्चे के खून का नमूना परीक्षण के लिए भेजा गया था, जिसमें जन्मजात प्रोटीन सी की कमी का पता चला। चिकित्सकों के मुताबिक, इस स्थिति वाले मरीजों में प्रसारित इंट्रावैस्कुलर जमावट या शिरापरक थ्रोम्बोम्बोलिज्म विकसित होने की अधिक संभावना होती है। इसमें रोग की प्रारंभिक स्थिति दिखाई देती है। इस तरह के मरीजों को आजीवन एंटी कौयगुलांट के साथ जीना पड़ता है। ऐसे रोगियों के शरीर में कहीं भी थ्रोम्बोसिस होने का खतरा बना रहता है। वहीं इस मामले में बताया गया है कि बच्चे के खून के नमूने की चार सप्ताह के बाद फिर से जांच की जाएगी।

गठित की गई थी समिति
अतिरिक्त मनपा आयुक्त डॉ. सुधाकर शिंदे ने बच्चे के माता-पिता की शिकायत के बाद लापरवाही के इस मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया था। समिति की जांच में बताया गया है कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कुछ और परीक्षण किए जाने हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि बच्चे को एक दुर्लभ विकार है जो थ्रोम्बोसिस का कारण बनता है।

डॉक्टरों का पक्ष ले रही समिति
बच्चे के माता-पिता ने आरोप लगाया कि समिति अपने डॉक्टरों का पक्ष ले रही है। डॉक्टरों को बचाने के लिए समिति ने चिकित्सकीय लापरवाही से इनकार किया है। इस बीच बच्चे की लगातार निगरानी की जा रही है और निमोनिया होने के चलते उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। इसके अलावा केस रुमेटोलॉजी विभाग को रेफर किया गया है। बच्चे के पिता राहुल चव्हाण के मुताबिक, मेरी पत्नी ने १५ जुलाई को बच्चे का हाथ नीला पड़ने के बारे में तुरंत ऑन-ड्यूटी डॉक्टर को सूचित किया था। लेकिन कुछ नहीं किया गया, जो स्पष्ट रूप से डॉक्टरों और कर्मचारियों की लापरवाही को दर्शाता है।

 

 

अन्य समाचार

लालमलाल!