मुख्यपृष्ठसंपादकीयसंपादकीय : कोरोना के ‘गड्ढे’ में चीन!

संपादकीय : कोरोना के ‘गड्ढे’ में चीन!

हिंदुस्थान में कोरोना की तीसरी लहर का कहर लगभग खत्म हो चुका है, परंतु जिस चीन से कोरोना महामारी पूरी दुनिया में  फैली उसी चीन में यह रोग एक बार फिर कहर बरपा रहा है। ‘स्टील्थ ओमायक्रॉन’ नामक कोरोना के वायरस के कारण चीन के शेनजेन, यूचेंग और जीलिंग प्रांत की राजधानी चांगचून शहर में १०० फीसदी लॉकडाउन लगा दिया गया है। बीते चौबीस घंटों में चीन में मिले कोरोना मरीज अब तक के दौर में सर्वाधिक हैं। हमारे यहां बीच में जिस ओमायक्रॉन नामक कोरोना वायरस के उपप्रकार ने तीसरी लहर लाया था, उसी ‘बीए२’ (स्टील्थ ओमायक्रॉन) नामक वायरस ने चीन में बड़ा संक्रमण पैâलाया है। ‘चीन फिलहाल मुश्किल दौर से गुजर रहा है।’ इस संदर्भ में ऐसा वर्णन वहां के महामारी विशेषज्ञ जेंग वेनहोंग ने किया है। इससे भी चीन में कोरोना महामारी के वर्तमान संकट का अनुमान लगाया जा सकता है। सिर्फ चीन में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी हांगकांग और दक्षिण कोरिया में भी इसी वायरस ने हाथ-पांव पसारा है। चीन में मरीजों की संख्या तीन दिन में नौ गुना बढ़ी है, तो दक्षिण कोरिया में बुधवार को चार लाख से अधिक कोरोना मरीज मिले हैं। चीन, हांगकांग और कोरिया में कोरोना का ‘सामुदायिक संक्रमण’ शुरू हो गया है, यही इसका अर्थ है। कोरोना खत्म हो गया है, ऐसा जिन्हें लगता है उनके लिए यह खतरे और सतर्कता की चेतावनी है क्योंकि दो ही दिन पहले वैश्विक स्वास्थ्य संगठन ने भी कोरोना के जानलेवा डेल्टा और तेजी से संक्रमण पैâलानेवाले ओमायक्रॉन से एक नए ‘संयुक्त वायरस’ निर्माण होने की चेतावनी दी थी। इस वायरस में भी दोनों वैरिएंट के ‘दुर्गुण’ होने से दुनिया को इसका बड़ा झटका लग सकता है, ऐसा भी वैश्विक स्वास्थ्य संगठन ने कहा था। प्रâांस के कई हिस्सों में यह वायरस मिला है। नीदरलैंड, डेनमार्क में भी ऐसे ही कुछ नए वायरस मिले हैं। उसमें अब चीन सहित हांगकांग, द. कोरिया में ‘स्टील्थ ओमायक्रॉन’ ने हाहाकार मचाया है। हमारे देश में तीसरी लहर का प्रहार बड़ा ही था, परंतु टीकाकरण के कारण यह जानलेवा नहीं हो सका था। लेकिन दुनिया के कई देशों में अभी भी टीकाकरण की रफ्तार धीमी ही है इसलिए कोरोना का संक्रमण और प्रसार जारी ही है। कोरोना के ‘निर्माता’ कहे जानेवाले चीन जैसे देश में भी कोरोना खत्म नहीं हुआ है, यह भी अधिक महत्वपूर्ण है। उस पर चीन में हाल की कोरोना की लहरों के कारण वहां का व्यापार, उद्योग ठप पड़ने की आशंका है। चीन और हांगकांग शेयर बाजार गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरा। इसके अलावा चीन के जिन शहरों में फिलहाल पूर्ण लॉकडाउन लगा है वो औद्योगिक शहर हैं। वहीं पूरी तरह से बंद होने से उसका परिणाम जैसे वहां की अर्थव्यवस्था पर होगा। उसी तरह उस पर निर्भर रहनेवाले अन्य देशों की अर्थनीति पर भी हो सकता है। ‘चीनी वायरस’ कहा गया कोरोना पूरी दुनिया को बीमारी और आर्थिक अनिष्ट के गड्ढे में धकेल दिया यह सत्य है, परंतु खुद चीन की अवस्था अलग कहां है? चीन भी कोरोना के ‘गड्ढे’ में ही फंसा हुआ है। उस देश की गर्दन पर बैठा कोरोना का भूत उतरने को तैयार नहीं है। बीच-बीच में वह सिर उठाता रहता है। ‘स्टील्थ ओमायक्रॉन’ की महामारी के कारण वहां के तीन प्रमुख औद्योगिक शहरों में लगाया गया संपूर्ण लॉकडाउन इसी का प्रमाण है।

अन्य समाचार