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चीन ने फिर चिढ़ाया : एलएसी के पास बनाए बंकर! …सेटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

•  छह स्थलों पर किए निर्माण
• तीन जगहों पर सुरंगें भी बनाईं

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
केंद्र की मोदी सरकार बार-बार दावा करती है कि एलएसी पर सबकुछ ठीक है पर चीन है कि हर बार हिंदुस्थान को चिढ़ाता है। अब खबर है कि उसने एलएसी के पास कई बंकर व सुरगों का निर्माण कर लिया है। अक्साई चिन में इस निर्माण कार्य का खुलासा सेटेलाइट तस्वीरों से हुआ है। चीन ने एलएसी से लगभग ७० किमी दूर अक्साई चिन में बंकरों और भूमिगत सुविधाओं का निर्माण तेज कर दिया है। चीन ने अपनी सैन्य साजो-सामान को हवाई या मिसाइल हमलों से बचाने के लिए यह कदम उठाया है। १८ अगस्त की सेटेलाइट इमेजरी अक्साई चिन में विकसित होती चीनी स्थिति को दर्शाती है, जिसमें अंडरग्राउंड पैâसिलिटी का तेजी से डेवलपमेंट भी शामिल है।
मैक्सर टेक्नोलॉजी की ओर से मीडिया को दी गई ६ दिसंबर, २०२१ और १८ अगस्त, २०२३ की सेटेलाइट तस्वीरों की तुलना की गई। इससे पता चला कि ३ जगहों पर बंकर व ३ स्थानों पर सुरंगें बनाने की प्रक्रिया जारी है। ये सभी करीब १५ वर्ग किमी के दायरे में हैं। सेटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि चीन ने सैनिकों की तेजी से तैनाती के लिए कई सारे कदम उठाए हैं। इसमें हवाई क्षेत्रों, हेलीपैड, रेलवे पैâसिलिटी, मिसाइल बेस, सड़कों और पुलों का बड़े पैमाने पर विस्तार शामिल है।
विश्लेषकों का मानना है कि अंडरग्राउंड पैâसिलिटी और मजबूत बंकरों का निर्माण एक नई तरह की घटना है। खासतौर से जब यह एलएसी के बहुत पास स्थित क्षेत्र में हो रहा है। इस निर्माण कार्य का मकसद संभावित हवाई या मिसाइल हमलों से प्रमुख सैन्य साजो-सामान की रक्षा करना है।

ड्रैगन का एयर डिफेंस
फोर्स एनालिसिस के जियो-इंटेलिजेंस विश्लेषक सिम टैक के अनुसार, सवाल है कि ये किसलिए बनाए जा रहे हैंै? ये सैनिकों या टैंकों के लिए नहीं बल्कि एयर डिफेंस या मिसाइल सिस्टम जैसी हाई एसेट्स के लिए हो सकते हैं, जिन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा की जरूरत होती है। एयर वाइस मार्शल (रि.) मनमोहन बहादुर ने लद्दाख क्षेत्र में लंबे समय तक सर्विस की है। उन्होंने कहा, ‘सुरंगें पूरी तरह से संवेदनशील उपकरणों के लिए हैं। ऐसा मालूम होता है कि ये विस्फोटकों, मिसाइलों या हथियारों के लिए हैं, जिन्हें हवाई हथियार से नष्ट करने का खतरा रहता है। हालांकि, इनका इस्तेमाल कमांड पोस्टों के लिए भी किया जा सकता है।’
एयरबेस का विस्तार
१८ अगस्त की सेटेलाइट तस्वीरों में साफ तौर पर अक्साई चिन में विकसित होती चीनी स्थिति को देखा जा सकता है। इसके पहले गत मई में खबर आई थी कि चीन ने नए रनवे, जेट की सुरक्षा के लिए शेल्टर और सैन्य ऑपरेशन भवनों का निर्माण करके एलएसी के पास एयरबेस का विस्तार किया है। बीजिंग ने अपनी सेना के लिए व्यापक अभियान चलाने और कुछ क्षेत्रों में हिंदुस्थान का मुकाबला करने की क्षमता हासिल की है।

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