मुख्यपृष्ठसमाचारसिगरेट का धुआं, आंखों के लिए धीमा जहर!

सिगरेट का धुआं, आंखों के लिए धीमा जहर!

-फेफड़ों और आंखों को बर्बाद करता है स्मोकिंग

सामना संवाददाता / मुंबई

बहुत से लोग धूम्रपान से कैंसर, सांस की बीमारी, हृदय की बीमारी आदि खतरनाक परिणामों से अवगत हैं। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि धूम्रपान से आंखों को समान रूप से नुकसान हो सकता है और उससे आंखों की नजर भी खो सकती है। ऐसा अनुमान है कि हिंदुस्थान में ३४.६ प्रतिशत वयस्क धूम्रपान करते हैं और धूम्रपान से देश में सालाना १० लाख से ज्यादा लोग मारे जाते हैं। धूम्रपान कैंसर और हृदय की बीमारियों जैसे नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों का चौथा प्रमुख कारण है।
गौरतलब है कि स्मोकिंग हमारी सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स भी लोगों को धूम्रपान न करने की सलाह देते हैं। लंबे समय से धूम्रपान रेस्पिरेटरी और हृदय स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभावों के लिए जाना जाता रहा है। धूम्रपान की वजह से आंखों पर होने वाला प्रभाव चिंता का विषय है।
मैक्यूलर डिजनरेशन
अगर आप धूम्रपान करने के आदी हैं, तो इससे मैक्यूलर डिजनरेशन का खतरा काफी बढ़ जाता है। उम्र से संबंधित मैक्यूलर डिजनरेशन बुजुर्गों में होनेवाले विजन लॉस का एक प्रमुख कारण है। यह बीमारी धीरे-धीरे विजन को खराब कर देती है, जिससे व्यक्ति की पढ़ने, गाड़ी चलाने और चेहरे पहचानने की क्षमता कम हो जाती है।
मोतियाबिंद
तंबाकू के इस्तेमाल से मोतियाबिंद विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। यह एक ऐसी स्थिति जिसकी वजह से आंख के प्राकृतिक लेंस में धुंधलापन आ जाता है। धूम्रपान न करनेवाले व्यक्ति की तुलना में धूम्रपान करने वाले व्यक्ति में मोतियाबिंद विकसित होने की संभावना दो से तीन गुना ज्यादा होती है। मोतियाबिंद न सिर्फ दृष्टि को धुंधला कर देता है, बल्कि विपरीत संवेदनशीलता को भी कम कर देता है, जिससे कम रोशनी की स्थिति में वस्तुओं को पहचानना कठिन हो जाता है।
सेकंड-हैंड स्मोक
धूम्रपान करने से सिर्फ स्मोकिंग करने वालों को ही नहीं, बल्कि उनके आस-पास मौजूद लोगों को भी नुकसान होता है। धूम्रपान से होने वाले धुएं की वजह से आस-पास मौजूद लोग सेकंड-हैंड स्मोकिंग का शिकार हो जाते हैं, तो उनके लिए हानिकारक हो सकता है। सेकंड हैंड धुएं में सांस लेने से सिर्फ सेहत को ही नहीं, आंखों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसमें ड्राई आई सिंड्रोम से लेकर ऑप्टिक नर्व डैमेज जैसी गंभीर स्थितियां शामिल हैं।

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