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आतंक की राह पर नागरिक सेना को सता रही चिंता! …राजौरी व पुंछ में आतंकवाद ले चुका है बृहद रूप

३६ महीनों में ३६ सैनिक शहीद, १२ नागरिकों की गई जान
सुरेश एस डुग्गर / जम्मू
कश्मीर में फैले आतंकी अब राजौरी व पुंछ के जुड़वा जिलों में कहर बरपा रहे हैं। धारा ३७० हटाए जाने के उपरांत कश्मीर में सुरक्षाबलों का दबाव बढ़ा तो आतंकियों ने राजौरी व पुंछ को अपना नया ठिकाना बना लिया है। अधिकारी भ्रम पाले हुए थे कि एलओसी से सटे ये दोनों जिले आतंकवाद मुक्त हो चुके हैं तथा शांति लौट चुकी है।
यही कारण था कि कल भी आतंकियों ने पांच और जवानों को शहीद कर दिया। यदि पिछले ३६ महीनों के आंकड़े देखें तो एलओसी से सटे राजौरी व पुंछ के जुड़वा जिलों में शहीद सैनिकों की संख्या ३६ को पार कर गई है। इसी अवधि में १२ नागरिकों की जान भी आतंकी ले चुके हैं। सेना के लिए गले की फांस बने दोनों जिलों में चिंता इस बात की है कि उसकी तमाम कोशिशों के बावजूद स्थानीय नागरिक आतंकवाद की ओर मु़ड़ने लगे हैं।
इस साल २२ नवंबर से २१ दिसंबर तक एक माह के अंदर आतंकियों ने सेना के १० जवानों को शहीद करके सभी को चौंकाया है। मई महीने की ६ तारीख को आतंकियों ने राजौरी के दरहाल में सैनिकों पर हमला बोला था, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए। हैरान करने वाली बात ये है कि सेना अभी तक इन हमलों में शामिल आतंकियों को न पकड़ पाई है और न मार गिराया जा सका है। कहा तो यह भी जा रहा है कि यह एक ही गुट का काम था, जिसने फिर से इस साल के पहले महीने की पहली तारीख को ढांगरी में ९ हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया था।
दोनों जिलों में आतंकियों द्वारा सेना को लगातार निशाना बनाए जाने से सैनिकों के मनोबल को बनाए रखने में सेना को परेशानी हो गही है। अक्टूबर २०२१ के दो हमलों में १५ सैनिकों को शहीद करने वाले आतंकी स्नाइपर राइफलों और अति आधुनिक हथियारों से लैस होने के साथ ही क्षेत्र से भली-भांति परिचित बताए जाते रहे हैं। एक अधिकारी के अनुसार, स्थानीय समर्थन के कारण ही वे पुंछ के भाटा धुरियां इलाके से राजौरी के कंडी क्षेत्र तक के ५० से ६० किमी के सफर को पूरा कर सके थे।
इस साल अप्रैल तथा मई महीने में १७ दिनों में आतंकियों के हाथों १० जवानों का शहीद होना राजौरी व पुंछ के एलओसी से सटे इन जुड़वा जिलों में कोई पहली आतंकी घटना नहीं थी, बल्कि पांच अगस्त २०१९ को धारा ३७० हटाए जाने के बाद आतंकियों ने कश्मीर से इन जुड़वा जिलों की ओर रूख करते हुए पहले सुरनकोट के चमरेर इलाके में ११ अक्टूबर २०२० को पांच सैनिकों को शहीद कर दिया था। इस हमले के पांच दिनों के बाद इसी आतंकी गुट ने पुंछ के भट्टा दुरार्इं इलाके में सैनिकों पर एक और घात लगा कर हमला किया तो ४ सैनिक शहीद हो गए थे।

 

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