मुख्यपृष्ठनए समाचारसिटीजन रिपोर्टर : पुरातत्व विभाग कर रहा है शिव मंदिर की अनदेखी!

सिटीजन रिपोर्टर : पुरातत्व विभाग कर रहा है शिव मंदिर की अनदेखी!

अंबरनाथ
अंबरनाथ के ऐतिहासिक शिव मंदिर पर आए दिन मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद जैसे तमाम वीआईपी लोगों का दौरा होता रहता है। इसके बावजूद अंबरनाथ (पूर्व) स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर की तरफ केंद्र सरकार का पुरातत्व विभाग, महाराष्ट्र सरकार का प्रदूषण नियंत्रण मंडल, अंबरनाथ नपा के सफाई विभाग की अनदेखी के चलते मंदिर परिसर की स्थिति दयनीय हो गई है, जिसके चलते भक्तों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। ‘दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर शोभनाथ तिवारी ने शिव मंदिर के बिगड़ते हालात को बयान किया है।
शोभनाथ तिवारी का कहना है कि देश में बहुत सारे धार्मिक दार्शनिक स्थल हैं। लेकिन अंबरनाथ के ऐतिहासिक मंदिर का हाल सबसे बदहाल है। शिव मंदिर के बगल से श्री मलंगगढ़ की पहाड़ी से वालधुनी नदी निकलती है, जो मंदिर और उल्हासनगर रेलवे स्टेशन की बगल से होते हुए कल्याण की खाड़ी में जा मिलती है। मंदिर के पीछे तमाम निवासी संकुल तैयार हो रहे हैं। बढ़ती जनसंख्या के कारण घरों से निकले दूषित पानी को मंदिर के पीछे से पाइप द्वारा मंदिर के आगे छोड़ा गया है। बीच में चेंबर बनाया गया है, जो कि खुला हुआ है। खुले चेबर से दुर्गंध आती है, जिसे रोकने में महाराष्ट्र का प्रदूषण नियंत्रण मंडल, अंबरनाथ नपा, केंद्र सरकार का पुरातत्व विभाग नाकाम साबित हो रहा है। इस मंदिर पर रोज सैकड़ों की संख्या में भक्त दर्शन करने आते हैं। सोमवार को हजारों शिवभक्त मंदिर में दर्शन के लिए कतार लगाए दिखाई देते हैं। वालधुनी नदी के अंदर घरेलू पानी की पाइप से दुर्गंध आती है। आए दिन राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके सुपुत्र सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे शिव मंदिर परिसर को क्या-क्या बनाने की घोषणा करते रहते हैं, जिसके लिए कई करोड़ रुपए राशि की घोषणा हो चुकी है, परंतु काम कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। कोई कह रहा है कि मंदिर को ऐसे नहीं ऐसे बनाया जाएगा, तो कोई कह रहा है कि फंड कम नहीं पड़ने दूंगा। सवाल उठ रहा है कि मंदिर का सौंदर्यीकरण और पर्यटक स्थल घोषित तो हो गया है, लेकिन कहीं शिव मंदिर के कायाकल्प की घोषणा राजनीतिज्ञ घोषणा तो नहीं या फिर बीरबल का हवाई महल तो नहीं है? कहीं बाप-बेटा मिलकर लोगों को मूर्ख तो नहीं बना रहे हैं। क्योंकि कहीं पर कुछ भी सामान दिखाई नहीं दे रहा है।
शिव मंदिर में दर्शनों के लिए जानेवाला हर व्यक्ति देखता है कि मंदिर का उद्धार कहां पर हो रहा है? देखने पर तो कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। यदि शिंदे बाप-बेटे भगवान शिव से राजनसीति करेंगे तो एक दिन खुद भी वे राजनीति से गायब हो जाएंगे!

 

अन्य समाचार