मुख्यपृष्ठनए समाचारसिटीजन रिपोर्टर : बस स्टैंड को हड़पने की साजिश! 

सिटीजन रिपोर्टर : बस स्टैंड को हड़पने की साजिश! 

• नागरिकों का सवाल, कब शुरू होगी बस सेवा?
•  उल्हासनगर में अब नहीं दिखती है लालपरी

उल्हासनगर
उल्हासनगर में एक समय ऐसा था, जब लालपरी अर्थात राज्य परिवहन सेवा गरीब लोगों के यातायात का सहारा बनी हुई थी। उल्हासनगर से एस.टी. बस कल्याण, अंबरनाथ, बदलापुर तक नियमित चलती थी। इस बस को उल्हासनगर के नेताओं ने ग्रहण लगा दिया। उल्हासनगर मनपा परिवहन सेवा शुरू करेगी। इस तरह का निवेदन करने के कारण सरकारी बस बंद हो गई, साथ ही उल्हासनगर की परिवहन सेवा जो कथित भाजपा के कार्यकर्ता द्वारा चलाई जा रही थी, वह भी बंद हो गई।
मजेदार बात यह है कि ठेकेदार ने सैकड़ों चालक, कंडक्टरों को बेरोजगार भी कर दिया। मनपा में अमानत के तौर पर जमा रकम को भी ले लिया। मनपा द्वारा दिए गए डिपो को भी हड़पने की फिराक में था, परंतु एग्रीमेंट में फंसने के कारण छोड़ दिया, नहीं तो उसे भी हड़प लिया गया होता। बस बंद होने से आज एस. टी. बस के तमाम बस स्टैंड हड़प लिए गए हैं। उल्हासनगर मनपा ने फिर से बस शुरू करने का चॉकलेट उल्हासनगर की जनता को दिया है। उल्हासनगर के बस स्टैंड उल्हासनगर एक, वैâलाश कॉलोनी, अंबरनाथ पश्चिम में बनाए गए बस स्टैंड के अलावा काफी स्टैंड हड़पे जा चुके हैं। इसके अलावा उल्हासनगर एक का स्टैंड जर्जर हो चुका है। स्टैंड के सामने टपरी लग गई है। बस स्टैंड को आने वाली बस का इंतजार है। बस बंद होने से कितनी समस्या नागरिकों को झेलनी पड रही है, इसको `दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर शैलेश यादव ने बयां किया है।
बसों के दुरुपयोग की आशंका
मनपा प्रशासन उन बसों को कहीं किसी पार्टी को चुनावी लाभ पहुंचाने के इरादे से तो नहीं शुरू कर रही है, ऐसी भी चर्चा शुरू है। आज यदि देखा जाए तो काफी संख्या में बस स्टैंड हड़पने की तैयारी शुरू है। उल्हासनगर मनपा के वाहन विभाग प्रमुख विनोद केने ने बताया कि जल्द ही प्रदूषण रहित इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की जाएगी, जिसका लाभ उल्हासनगर के आर्थिक रूप से दुर्बल लोगों को होगा। प्रशासन बस सेवा शुरू कर रही है। उसका यदि कोई राजनीतिक दल फायदा लेता है तो प्रशासन क्या कर सकता है? छोटी व बड़ी बस उल्हासनगर में मार्ग के अनुरूप चलेगी।

रिक्शा चालक करते हैं मनमानी
शैलेश यादव का कहना है कि नागरिकों को सरकारी बस का भरोसा रहता है। उसे उल्हासनगर के नेताओं के दबाव में आकर बंद कर दिया गया। आज रिक्शा वालों की मनमानी शुरू है। जिस जगह का भाड़ा दस रुपए एस.टी. लेती है, उस जगह का भाड़ा रिक्शा चालक २५ रुपए वसूलते हैं। वहीं उल्हासनगर पांच स्थित तहसीलदार कार्यालय, ऐतिहासिक शिव मंदिर तक का भाड़ा काफी मंहगा है। ऐसी स्थिति में सरकारी बस सेवा लाभदायक थी। अब फिर से बस सेवा शुरू किए जाने का ढिंढोरा उल्हासनगर मनपा ने पीटना शुरू कर दिया है। एक बस को बीच में सैंपल के तौर पर शहर में घुमाकर दिखाया भी गया। समाचार पत्रों से पता चला कि जल्द ही शहर में बस आने वाली है, परंतु कब? समझना कठिन सा हो गया है।

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