मुख्यपृष्ठखबरेंसिटीजन रिपोर्टर : फुटपाथ बना डंपिंग ग्राउंड

सिटीजन रिपोर्टर : फुटपाथ बना डंपिंग ग्राउंड

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य को स्वच्छ रखने के लिए ‘डीप क्लीन ड्राइव’ का आह्वान किया था, लेकिन यह अभियान कचरों के ढेर के नीचे पटते हुए दिखाई दे रहा है। मनपा के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक काम नहीं करना चाहते हैं। अगर आज वह अपने कर्तव्य को सही तरीके से निभाते तो शायद आज शहर की तस्वीर कुछ और ही होती, लेकिन अफसोस मुंबई के शहरों में आज भी जगह-जगह कूड़ा-कचरा देखने को मिल रहा है। ठाणे शहर की कई सड़कों से लेकर नालों तक में कचरों का ढेर देखने को मिल रहा है, इन कचरों के कारण स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। ‘दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर दीपेश सिरके ने ठाणे शहर में गंदगी के साथ जी रहे नागरिकों का दुख बयां किया है।
शहर हुआ कचरामय
दीपेश सिरके ने बताया कि माजीवाड़ा नाका से रुस्तमजी एथेना तक लोढ़ा सर्विस रोड को डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया है। सभी नियमों को ताक पर रखकर जगह-जगह से कचरा लाकर यहां डंप किया जा रहा है। इस सड़क से गुजरने वाले लोगों का इन कचरों से निकलने वाली दुर्गंध से बुरा हाल रहता है। इतना ही नहीं ये तमाम प्रकार के कचरे पर्यावरण को भी दूषित कर रहे हैं। यह जहरीला कचरा लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक है। मनपा के अधिकारी ऐसे जगहों का मुआयना करने के बजाय सरकारी कार्यालयों में बैठकर एसी की हवा खा रहे हैं। हाल तो ऐसा है कि उन्हें इस बारे में जानकारी भी नहीं है। मनपा कर्मचारी शहर में तमाम जगहों पर पैâले कचरों को साफ करने के बजाए हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। शहर में साफ-सफाई का तो पता नहीं, लेकिन हां आज शहर कचरामय जरूर हो गया है। यह केवल किसी एक क्षेत्र की ही बात नहीं, बल्कि शहर के कई इलाकों की आज यही तस्वीर देखने को मिल रही है।
नाले में पानी कम कचरा ज्यादा
शहर में लापरवाही को सारी हदों को पार करते हुए पीने वाले पानी के पाइपलाइन के ऊपर और उसके बगल भी कचरों का अंबार लगाया जा रहा है। वहीं समता नगर के बगल बहने वाले नाले में पानी कम कचरा ज्यादा बह रहा है। इस नाले में हर प्रकार के कचरे फेंके गए हैं। पानी में कचरों के सड़ने की वजह से इसमें से तेज बदबू भी आ रही है, जिससे आसपास रहने वाले नागरिकों का जीना मुश्किल हो रहा है। अब सवाल यह है कि ठाणे मनपा की नजर कब इन कचरों के ढेर पर जाएगी और वो इन कचरों को साफ करवाएंगे। अगर मनपा ने इसे जल्द से जल्द साफ नहीं करवाया तो मुंबई में मानसून का समय नजदीक है, जिससे सड़कों के किनारे अवैध रूप से फेंके गए ये कचरे सड़कों पर इधर-उधर बिखरने लगेंगे साथ ही इन जहरीले कचरों से नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ-साथ पेड़-पौधों पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।
कई जगहों पर तो सड़कों के किनारे ही कचरे का ढेर लगा दिया जाता है, जिसे बाद में मनपा के कर्मचारी गाड़ी में लादकर ले जाते हैं। जब तक वह उसे वहां से ले नहीं जाते तब तक गीले-सूखे कचरे के दुर्गंध से स्थानीय रहवासी और दुकानदार परेशान रहते हैं। ठाणे शहर में यह समस्या दिनों दिन आम होती जा रही है। नागरिक इससे काफी परेशान हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं है। शिंदे सरकार को भी चाहिए कि वो जिस अभियान को शुरू करते हैं, उसका वो अपडेट लेते रहें कि उनके द्वारा शुरू किया गया अभियान का काम ठीक तरीके से हो रहा है या नहीं।

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