मुख्यपृष्ठनए समाचारसिटीजन रिपोर्टर : कल्याण-मुरबाड़ महामार्ग बन रहा मौत का मार्ग

सिटीजन रिपोर्टर : कल्याण-मुरबाड़ महामार्ग बन रहा मौत का मार्ग

कल्याण

कल्याण-मुरबाड़ को भले ही नेशनल मार्ग बनाया गया हो, लेकिन इस मार्ग पर वाहन चलाने के नियमों में सरकार द्वारा काफी अनदेखी की गई है। इस मार्ग पर जहां ब्रेकर चाहिए, वहां नहीं है। यातायात पुलिस नहीं है। सिग्नल नहीं है। तमाम तरह के वाहन नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन चालक इतनी तेज गति से वाहन चलाते हैं कि सड़क पर चलना मौत को दावत देना बन गया है। ‘दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर समाज सेवी राजेंदर माने ने कल्याण-मुरबाड़ महामार्ग के दर्द को बयां किया है।
राजेंदर माने ने बताया कि कल्याण-मुरबाड़ मार्ग दिन-प्रतिदिन मौत का मार्ग बनता जा रहा है। इस महामार्ग पर सरकार की तरफ से आम लोगों की सुरक्षा का बिल्कुल भी प्रबंध नहीं किया गया है। महामार्ग में जगह-जगह पर इतना प्रवेश दिया गया है कि वाहनों की आवाजाही कठिन हो गई है। पादचारी पथ, ब्रेकर, महामार्ग क्रॉस करने के लिए सिग्नल नहीं है। यातायात पुलिस की भी व्यवस्था नहीं है। महामार्ग पर रहिवासी संकुल बन रहे हैं। विद्यालय, महाविद्यालय, शादी व अन्य सामाजिक धार्मिक कार्य के लिए हॉल, मंदिर हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा सुरक्षा के बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग आदि नहीं बनाया गया है। महामार्ग पर सीसीटीवी वैâमरे न होने के कारण यातायात पुलिस, शहर पुलिस अपराध में लिप्त लोगों को पकड़ने के लिए सुराग तक नहीं लगा पाती है। इस महामार्ग का निर्माण हुए पांच साल के करीब हो गया है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढों के बन जाने से मार्ग दयनीय हालत में पहुंच गया है। आश्चर्य की बात यह है कि यह टूटा हुआ मार्ग किसी को भी दिखाई नहीं दे रहा है।
महामार्ग जिसे फोर-वे बनाया गया है, परंतु प्रत्यक्ष देखा जा सकता है कि कई जगह पर फोर-वे की जगह थ्री-वे दिखाई देता है। कई बार बाहरी जानवरों को रोकने के लिए प्रबंध न होने के कारण कुत्ते-बिल्ली तक दुर्घटना को अंजाम दे देते हैं। महामार्ग केवल नाम का बना है। यहां सुरक्षा रामभरोसे है। प्रशासन की अनदेखा का ही नतीजा है कि कल्याण-मुरबाड़ महामार्ग मौत मार्ग बनता जा रहा है। इस महामार्ग की सुरक्षा को लेकर सरकारी यंत्रणा को हर पहलू पर सजग रहना होगा। महामार्ग में सौ-दो सौ मीटर के प्रवेश को बंद करना होगा।

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