मुख्यपृष्ठस्तंभसिटीजन रिपोर्टर: जान जोखिम में डालकर प्रवासी कर रहे हैं पटरी पार!

सिटीजन रिपोर्टर: जान जोखिम में डालकर प्रवासी कर रहे हैं पटरी पार!

सुरक्षा पर उठे सवाल

नशे का अड्डा बना पादचारी पुल, नहीं की जाती है साफ-सफाई

शहाड

शहाड रेलवे स्टेशन के आगे कसारा की तरफ जाते समय आम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे की पटरी पार न करें इसके लिए रेलवे प्रशासन ने एक पदचारी पुल तो बनाया है लेकिन यहां प्रवासियों की जगह नशेड़िये ही अधिकतर पाए जाते हैं, जो सारा दिन यहां नशे में धुत्त रहते हैं। यही वजह है कि महिलाएं और बच्चे यहां से आने-जाने में कतराते हैं। इसके साथ ही इस पुल की हालत को स्थानीय नशाखोरों ने बद से बदतर बना दिया है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि यह पुल कल्याण व उल्हासनगर मनपा के सफाई विभाग की अनदेखी का शिकार हो रहा है। नशाखोर शराब पीकर बोतलों को फोड़ते हैं। इतना ही नहीं पुल को स्थानीय नशेड़ियों ने नशे का अड्डा बना रखा है। पुल की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि उस पर से चलना कठिन हो गया है।
गौरतलब है कि लोगों की सुविधा के लिए यह पुल बनाया गया है, ताकि लोग पटरी को पार न करें। और सुरक्षित आ-जा सकें। परंतु नशेड़ी व मवालियों ने पुल पर कब्जा जमा लिया है। सिटीजन रिपोर्टर सभाजीत यादव कहते हैं कि पुल पर इतनी गंदगी, शराब की टूटी बोतलें हैं कि उस पुल पर चलना भी कठिन हो गया है। लोग रेलवे पटरी को जान जोखिम में डालकर आ जा रहे हैं। यदि रेलवे पुलिस प्रशासन इसी तरह से अनजान बना रहेगा तो नशेड़ी व मवाली रेलवे की संपत्ति और प्रवासियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सीमा विवाद के कारण पुल की अनदेखी की जा रही है, जो भविष्य में कभी भी घातक साबित हो सकता है।
बता दें कि इस पुल की जिम्मेदारी के बारे में शहाड के मैनेजर कॉमर्शियल ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि सफाई व सुरक्षा की जिम्मेदारी कल्याण-उल्हासनगर मनपा के साथ ही पुलिस प्रशासन की भी है। शहाड स्टेशन की सीमा में दो पुल हैं, जिनकी सफाई रेलवे कर्मचारी करते हैं। सुरक्षा का मुद्दा या तो रेल सुरक्षा बल या फिर रेलवे पुलिस (लोह मार्ग पुलिस) देखती है।

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