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सिटीजन रिपोर्टर : उल्हासनगर व शहाड स्टेशन के सामने रिक्शावालों का तांडव … यातायात पुलिस ने भी चुप्पी साधी

उल्हासनगर रेलवे स्टेशन के पास श्रीमती चांदीबाई हिम्मतमल मनसुखानी महाविद्यालय के सामने व शहाड रेलवे स्टेशन के पूर्व में म्हारल, कांबा और वरप की तरफ जानेवाले रास्ते पर रिक्शाचालक नियम तोड़कर तांडव करते हैं, जिसके चलते रेल यात्रियों के अलावा नियम को माननेवाले रिक्शाचालकों को काफी परेशानियां हो रही हैं। बड़ी बात यह है कि यहां यातायात पुलिसकर्मी भी ड्यूटी करने से कतराते हैं। रिक्शाचालकों में यह चर्चा है कि रिक्शा की लाइन तोड़नेवाले रिक्शाचालक आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। वे मारपीट करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। इसलिए पहले से लाइन में खड़े हुए रिक्शाचालक अपने आगे से और बीच से भाड़ा लेनेवाले चालकों का विरोध नहीं करते हैं। ‘दोपहर का सामना’ के रिपोर्टर अर्जुन वाघ इसे प्रकाश में लाए हैं।
अर्जुन वाघ ने बताया कि उल्हासनगर रेलवे स्टेशन पर चांदीबाई महाविद्यालय के बाहर खेमानी, शिवाजी चौक, नेहरू चौक तक रिक्शे की कतार लगती है। कुछ रिक्शाचालक अपनी रिक्शा लाइन में लगाकर नियम से रिक्शे में सवारी को बैठाते हैं, वहीं कुछ मनबढ़ रिक्शाचालक रेलवे स्टेशन के पास या फिर रिक्शे की लाइन के बीच से पूजा रेस्टोरेंट के सामने रिक्शा खड़ा करते हैं। ऐसा करने से उल्हासनगर रेलवे स्टेशन तक आने-जाने वाले राहगीरों को काफी दिक्कत होती हैं। इतना ही नहीं, तीन नंबर ओटी से छत्रपति शिवाजी महाराज जानेवाले मार्ग पर चांदीबाई महाविद्यालय के सामने जाम लग जाता है। ऐसा ही मामला शहाड रेलवे स्टेशन के पूर्वी भाग में कल्याण ग्रामीण म्हारल, काबा और वरप की तरफ जानेवाले रिक्शाचालक करते हैं। यातायात पुलिस द्वारा लाइन से रिक्शा लगाने के लिए लोहे की रेलिंग लगाई गई है, लेकिन उसका प्रयोग न करते हुए बाहर उड़ान पुल के नीचे जहां से सी ब्लॉक से वाहन आते हैं, उस हाईवे की तरफ जानेवाले मार्ग पर चालक अपना रिक्शा खड़ा कर देते हैं। ऐसा करने से सड़क पर जाम लग जाता है। उल्हासनगर और शहाड के रिक्शाचालकों की स्थिति ऐसी है कि दोनों जगह के नियम तोड़नेवाले रिक्शाचालकों के पास लाइसेंस, बैच और गणवेश तक नहीं रहता। काफी लोग शराब के नशे में रहते हैं और मनमाना भाड़ा मांगते हैं। तीन भाड़े की जगह पर पांच भाड़ा लिए बगैर रिक्शा आगे नहीं बढ़ाते हैं। उल्हासनगर के नियम तोड़कर रिक्शाचालक अपने अनुसार चलते हैं, जिसके कारण प्रवासियों को दस-दस रिक्शा पीछे जाकर बैठना पड़ता है। शहीद रमाकांत चव्हाण रिक्शाचालक मालक संघटना के अध्यक्ष रविंद्र सिंह भुल्लर उर्फ पिंकी भाई ने बताया कि ऐसे मामलों की काफी शिकायत आ रही है। जल्द ही उल्हासनगर यातायात पुलिस विभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश भामरे से इसकी चर्चा की जाएगी। चर्चा में रिक्शाचालकों का नाम खराब करनेवाले लोगों पर अंकुश लगाने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।

 

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