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सिटीजन रिपोर्टर : रात के समय कल्याण महामार्ग बन जाता है शराबियों का अड्डा! … फोड़ते हैं शराब की बोतलें

कल्याण नगर महामार्ग पर वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सड़क की चौड़ाई बढ़ा कर इसे १०० फीट की बनाई गई है, लेकिन सड़क चौड़ीकरण का फायदा वाहन चालक के बजाय शराबी उठे रहे हैं क्योंकि रात के समय यहां वाहन पार्किंग की आड़ में शराबी जाम से जाम टकराते हैं। देर रात को शहाड नाके से लेकर सेंचुरी रेयान अस्पताल तक रिक्शा, ट्रक और टेंपो चालक अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा करते हैं, लेकिन शराबी उसकी आड़ में ही शराब पीने का काम करते हैं। इतना है नहीं शराब पीने के बाद बोतलों को सड़क पर ही फोड़कर या छोड़कर शराबी चले जाते हैं। शराबियों की ऐसी हरकत के चलते कांच के टुकड़ों से कोई भी घायल हो सकता है।
सड़क पर लगता है शराबियों का जमघट 
‘दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर विनोद सिंह ने इन शराबियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से सड़क के किनारे से वाहनों की पार्किंग को हटाने की मांग की है। विनोद सिंह का कहना है कि कल्याण नगर महामार्ग पर पार्किंग की आड़ में शराब पीने वाले शराबी वाहन चालक, क्लीनर देर रात घर जाने वाले नौकरीपेशा वालों से या फिर अन्य राहगीरों के साथ आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम दे सकते हैं।
राहगीरों के लिए खतरा 
वे कहते हैं कि महामार्ग वाहनों के चलने के लिए है, न कि वाहन पार्क करने और शराब पीने के लिए है। फूटे हुए बोतलों को सुबह सफाई कर्मचारी सफाई करता है। कल्याण महामार्ग से सेंचुरी रेयान कंपनी के कामगार भी ड्यूटी के लिए आते-जाते हैं। इतना ही नहीं रेलवे में नौकरी करने वाले लोग भी यहीं से गुजरते हैं, जो इन टूटे कांच के टुकड़ों से घायल हो सकते हैं। अगर इन बोतल के टुकड़ों से किसी का पैर जख्मी हो गया तो इसका जिम्मेदार किसको ठहराया जाएगा?
 पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन 
उल्हासनगर यातायात पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश भामरे ने बताया कि महामार्ग पर पार्किंग करने वालों पर बीच-बीच में कार्रवाई होती है। काफी लोगों को दंडित भी किया गया है। शिकायत के बाद जल्द ही रात को महामार्ग पर पार्किंग करने वाले वाहनों के साथ ही शराबियों पर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की लापरवाही आई सामने 
सरकार ने नियम बनाया है कि महामार्ग पर शराब पीकर वाहन न चलाएं, लेकिन यहां तो महामार्ग को ही शराब का अड्डा बना दिया गया है। पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त तथा उल्हासनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों का देर रात को दौरा होता है, तो क्या उन्हें देर रात को वाहन की पार्किंग व उसकी आड़ में शराब पीते हुए लोग दिखाई नहीं देते? इन वाहन पार्किंग करने वाले वाहन चालकों ने दर्जनों नो पार्किंग के बोर्ड तक को तोड़ दिए। यातायात पुलिस और शहर पुलिस को चाहिए कि वो महामार्ग से पार्किंग को हटाए।

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