मुख्यपृष्ठस्तंभसिटीजन रिपोर्टर : उल्हासनगर में सड़क सुरक्षा अभियान की ऐसी की तैसी!

सिटीजन रिपोर्टर : उल्हासनगर में सड़क सुरक्षा अभियान की ऐसी की तैसी!

उल्हासनगर

उल्हासनगर में सड़क सुरक्षा अभियान २०२४ की वाहन चालकों द्वारा ऐसी की तैसी की जा रही है। उल्हासनगर के वाहन चालक सुरक्षा नियम को मानने की बजाय खुलेआम यातायात नियमों को तोड़ने में लगे हुए हैं। ऐसी स्थिति में सड़क सुरक्षा अभियान वैâसे सुरक्षित रह सकेगा? ‘दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर महेंद्र यादव ने इस तरह का सवाल उठाते हुए वाहन व चालक की सुरक्षा पर चिंता जताई है।
बता दें कि ठाणे यातायात विभाग व उल्हासनगर यातायात विभाग द्वारा रास्ता सुरक्षा अभियान २०२४ की शुरुआत १५ जनवरी, २०२४ से कर १४ फरवरी, २०२४ तक मनाया जा रहा है। इस अभियान का उद्घाटन १५ जनवरी, २०२४ की शाम पांच बजे उल्हासनगर के यातायात पुलिस के कार्यालय में सहायक पुलिस आयुक्त तथा यातायात उपविभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश भामरे ने किया। शहर के महाराष्ट्र विद्यालय में २०० छात्रों और अभिभावकों को हेलमेट वितरण किया गया। महीने भर से विद्यालय बस, रिक्शा स्टैंड पर रिक्शा चालकों, विद्यालय के छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। रैली निकाली जा रही है। लेकिन इसके साथ ही सड़क सुरक्षा अभियान २०२४ की ऐसी की तैसी की जा रही है। उल्हासनगर में सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहाड रेलवे उड़ान पुल पर लगे डिवाइडर, रस्सी और ड्रम की सरेआम अनदेखी कर जान को जोखिम में डालकर वाहन चालक वाहन चलाते देखे जा रहे हैं। उल्हासनगर में यातायात नियम को नजरअंदाज कर लोग वाहन चलाते हैं। वाहन चलाने में अति जल्दीबाजी का ही नतीजा है कि उल्हासनगर में जितने लोगों ने दुर्घटना में अपनी जान गंवाई है, उतनी मौतें शायद ही किसी शहर में सड़क दुर्घटना में हुई होंगी। सड़क दुर्घटना में अधिकांश लोग बाइक सवार हैं।
उल्हासनगर में दूसरे शहर की अपेक्षा दो गुना वाहन हैं। वाहन चलाने के लिए लाइसेंस चालकों ने दलालों द्वारा बनवाए हैं। संकरी सड़क होने के बावजूद पार्विंâग और व्यवसाय सड़कों पर ही होता है। ऐसी स्थिति में कोई वैâसे सुरक्षित रह सकता है। महाराष्ट्र के दूसरे शहर के दक्ष यातायात पुलिस अधिकारी, कर्मचारी उल्हासनगर में भ्रष्ट न हों, ऐसी कल्पना न करना नादानी होगी। उल्हासनगर में तमाम सामाजिक संस्थाओं के द्वारा यातायात पुलिस के सहयोग से लोगों को यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है। इसके बावजूद उल्हासनगर में यातायात के नियम की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। उल्हासनगर यातायात पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश भांमरे ने बताया कि उनके कार्य क्षेत्र में शून्य दुर्घटना हो इसके लिए एक महीने से अभियान चलाकर नियम से चलकर सुरक्षित यात्रा का संदेश दिया जा रहा है। नियम तोड़नेवालों को दंडित किया जाता है। इसके बावजूद लोग नहीं मानेंगे तो हम क्या कर सकते हैं? लोग यदि यातायात नियम का प्रयोग करेंगे तो अपने साथ दूसरे लोगों, परिवार और समाज को सुरक्षित रख सकेंगे।

अन्य समाचार