मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनासिटीजन रिपोर्टर: बदहाल हो चला है बदलापुर का स्वामी विवेकानंद गार्डन!

सिटीजन रिपोर्टर: बदहाल हो चला है बदलापुर का स्वामी विवेकानंद गार्डन!

बदलापुर

बदलापुर शहर सुशिक्षितों का शहर माना जाता है। इसका कारण यह है कि इस शहर के लोग बेहद जागरूक देखे जाते हैं। लंबे समय से बदलापुर नपा में नगरसेवकों का कार्यकाल खत्म सा हो गया है। प्रशासक कार्यभार देख रहे हैं। ऐसी स्थिति में ऐसा देखा जा रहा है कि जैसे प्रशासक के अधिकार में काम करनेवाले सैकड़ों लोग रामभरोसे काम करने लगे हैं। शहर के किनारे बनी नालियों के ढक्कन टूटे हैं, सड़क पर गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, स्पीड ब्रेकर टूटे हैं। इतना ही नहीं, नपा की नाक के ठीक सामने स्वामी विवेकानंद गार्डन कचरा गार्डन बन गया है। ‘दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर अशोक चौबे का कहना है कि आखिरकार गार्डन की इस बदहाली के लिए जवाबदार कौन है?

स्वामी विवेकानंद गार्डन बदलापुर (पूर्व) स्थित नपा मुख्यालय के सामने वॉर्ड नंबर ९ में है। इस गार्डन को अति सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन आज इस गार्डन की बड़ी दुर्दशा देखने को मिल रही है। गार्डन के अंदर दो ओपन गाले में भाजपा का प्रचार साहित्य, यातायात नियमों के बोर्ड रखे गए हैं। वहीं गार्डन का गेट टूटा हुआ है और गार्डन में गंदगी का अंबार लगा है। पेड़-पौधों की स्थिति अस्त-व्यस्त है। दीवार पर लगे कांच गायब हैं। बच्चों के खेलने के सामान टूटे हैं। लाइट के बोर्ड टूटे हैं। स्वामी विवेकानंद जैसे महान विचारक, देश और धर्म के महान चिंतक, युवाओं के मार्गदर्शक के नाम पर बनाए गए गार्डन की दुर्दशा बदलापुर नपा के प्रशासक योगेश गोडसे के लज्जास्पद कार्य का संकेत देती है। बदलापुर के कई गार्डन की स्थिति कुछ इसी तरह से है। कई गार्डन को तो चूहों ने खोदकर खोखला बना दिया है। आज चार साल से नगरसेवक नहीं हैं। नगरसेवकों पर खर्च होने वाले वार्षिक करोड़ों रुपयों की बचत हुई है। इसके बावजूद अधिकारियों पर किसी तरह का दबाव नहीं है। फिर भी सार्वजनिक बांधकाम विभाग, माली क्या कर रहे हैं? क्या उनका कर्तव्य नहीं है कि गार्डन की सत्य स्थिति की लिखित जानकारी वे विभाग को दें।
बदलापुर के प्रशासक योगेश गोडसे ने इस गार्डन की दुर्दशा पर बात करते हुए कहा कि इसकी जांच कर अतिशीघ्र सुधार किया जाएगा।

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