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सिटीजन रिपोर्टर : मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र ठाणे की हालत खस्ता … हर जगह बस कचरा ही कचरा!

शहर को चकाचक बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रहे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृह क्षेत्र ठाणे के स्टेट ट्रांसपोर्ट यानी एस टी बस डिपो की हालत खस्ता है। यहां लोग परेशानियां झेल रहे हैं, लेकिन लोगों की परेशानी को देखनेवाला कोई नहीं है। आपको तस्वीर में दिखाई दे रहा होगा कि इस ठाणे पश्चिम  एस टी बस डिपो में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। रास्ते टूटे-फूटे हैं, शौचालय की स्थिति बेहद खराब है और तो और यहां से आने-जाने में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इन सभी की ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। पूरे राज्य को नंबर वन बनाने के प्रयास में जुटे मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र की ऐसी हालत होने से सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
`दोपहर का सामना’ की सिटीजन रिपोर्टर मनीषा जोशी ने बताया कि यहां पर लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। लोग चाहकर भी शिकायत नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, यह प्रशासन का काम है, उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए। आखिरकार, तकलीफ तो जनता को ही हो रही है। आप देख सकते हैं कि शौचालय की क्या हालत है वैâसे लोग शौच के लिए जाएंगे। बाहर का यह हिस्सा आपको दिख रहा है, लेकिन अगर आप अंदर जाएंगे तो अंदर की हालत उससे भी बदतर नजर आएगी। इसी तरह रास्ते पर भी जगह-जगह गड्ढे हैं। इन गड्ढे में पानी भरा रहता है।
गौरतलब है कि यह पानी कीचड़ में तब्दील हो जाता है और आने-जाने वाले लोगों के ऊपर छीटे पड़ते हैं।
उक्त तस्वीर भेजने वाले शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने मौखिक रूप से इसकी कंप्लेंट भी है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। कभी कहते हैं कि जल्द काम होनेवाला है, तो कभी कहते हैं कि बारिश के बाद काम होगा। इसका भी खुलासा होना चाहिए। इस बाबत जल्द ही ठाणे के लोग लिखित रूप से मुख्यमंत्री और अन्य सभी विभाग को शिकायत दर्ज करने वाले हैं। तब तक शायद इसी तरह की परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। बता दें कि रोजाना हजारों लोग इस बस डिपो के शौचालय का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन शौचालय टूटे-फूटे होने से उन्हें दिक्कत होती है। पुरुष तो मैनेज कर लेंगे, लेकिन महिलाओं को ज्यादा दिक्कत होती है। साथ ही यहां से चलते समय रास्ता खराब होने की वजह से  छोटे बच्चे कीचड़ में बच्चे गिर जाते हैं। महिला और बुजुर्गों को भी चलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे सभी जगह नाराजगी व्यक्त की जा रही है।

ठाणे के इस स्टेट ट्रांसपोर्ट यानी एस टी बस डिपो से पालघर के आदिवासी क्षेत्र वाडा, मोखाडा, जव्हार से लेकर शाहपुर अहमदनगर, कोकण, पुणे और महाराष्ट्र के कई इलाकों में बसें जाती हैं। इन बसों से रोजाना हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं, जिसमें महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक होती है। इन दनों गणेश उत्सव का माहौल है। लोग यह उत्सव मनाने अपने गांव की ओर निकल पड़े हैं। ऐसे में यदि उन्हें सुविधा नहीं मिलेगी तो उनकी क्या हालत होगी?

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