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सिटीजन रिर्पोटर : पादचारियों की बढ़ रही परेशानी!

कब शुरू होगा सीएसएमटी स्टेशन के पादचारी पुल का दूसरा छोर, पीक आवर्स में बढ़ जाती है भीड़

मुंबई 

मार्च २०१९ में सीएसएमटी स्टेशन के बाहर स्थित पादचारी पुल ढह गया था, जिसमें आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई थी और लगभग ३० लोग घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद यह पादचारी पुल पूरी तरह से तोड़ दिया गया था और इसे दोबारा बनाया गया था। कुछ महीने पहले इसे लोगों के लिए खोल तो दिया गया, लेकिन इस पर लोगों की भारी भीड़ होने लगी है, जिससे एक बार फिर लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसके किला कोर्ट के छोर पर उतरने के लिए फिलहाल काफी छोटा रास्ता है, जिस वजह से सुबह और शाम के वक्त यहां बॉटल नेक बन जाता है और भारी भीड़ हो जाती है, जिससे कोई बड़ा हादसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। `दोपहर का सामना’ की सिटीजन रिपोर्टर मनीषा जोशी ने इस पादचारी पुल का जायजा लिया। वहां उन्होंने लोगों से बात की। सभी लोग इस पुल के बन जाने से काफी खुश हैं, लेकिन यह सवाल भी कर रहे हैं कि इसका दूसरा छोर कब शुरू होगा, क्योंकि लोगों में डर है कि इस बॉटल नेक की वजह से होनेवाली भीड़ के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस पादचारी पुल के तैयार होने से पहले, मनपा का यह विचार था कि सीएसएमटी के बाहर दो में से एक छोर पर पुल के लिए एस्केलेटर लगाया जाएगा लेकिन जगह की कमी होने के कारण इस आइडिया को नकार दिया गया। बाद में बीएमसी ने जून २०२१ में बिना एस्केलेटर के एक टेंडर जारी किया था। ये काम ५.७५ करोड़ रुपए की लागत से १५ महीने के भीतर पूरा किया जाना था लेकिन कई कारणों से पुल का काम तीन साल से अधिक समय तक रुका रहा। बाद में कार्य ने तेजी पकड़ी और इसे फिलहाल लोगों के इस्तेमाल के लिए शुरू कर दिया है। लेकिन यहां सुबह और शाम बॉटल नेक होने की वजह से अभी भी भीड़ हो जाती है।

क्यों हो रही देरी?
वर्ष २०२२ में, बीएमसी ने फिर से एक छोर पर एक एस्केलेटर स्थापित करने का निर्णय लिया और इसे वर्तमान टेंडर में जोड़ा गया। पुल विभाग के एक अधिकारी ने इस संबंध में कहा कि वर्क ऑर्डर कुछ महीने पहले जारी किया गया था, लेकिन इसे कारखाने में तैयार करने में कुछ महीने लगेंगे। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, इसे पुल पर स्थापित करने में अधिक समय नहीं लगेगा। लेकिन कई महीने बीत चुके हैं और एस्केलेटर का कोई अता पता नहीं। हालांकि, उक्त अधिकारी ने कहा था कि पुल के पूरा होने की समय सीमा १५ मार्च है और एस्केलेटर उसके चार महीने बाद लगाया जाएगा। उस आधार पर जुलाई में एस्केलेटर लग जाना चाहिए था। अब तो आधा अगस्त भी बीत चुका है। और यह काम अब भी अधूरा पड़ा हुआ है।

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