मुख्यपृष्ठनए समाचारसिटीजन रिपोर्टर : घाटकोपर में ट्रैफिक हुआ आउट ऑफ कंट्रोल!

सिटीजन रिपोर्टर : घाटकोपर में ट्रैफिक हुआ आउट ऑफ कंट्रोल!

• त्योहारों में बढ़ जाती है भीड़
• जाम के खिलाफ जल्द होगा आंदोलन

मुंबई में लगातार बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ वाहनों की बढ़ती संख्या से परेशानियां भी बढ़ती ही जा रही हैं। शहर के प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या अब आम होती जा रही है। ऐसी ही परेशानी घाटकोपर-पूर्व स्टेशन रोड पटेल चौक के पास देखने को मिल रही है। `दोपहर का सामना’ के घाटकोपर के सिटीजन रिपोर्टर प्रकाश वाणी ने इस समस्या पर आवाज उठाई है। प्रकाश वाणी के अनुसार, इस बाबत ट्रैफिक विभाग से कई बार शिकायत की गई है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
ज्ञात हो कि घाटकोपर- पूर्व के पटेल चौक, यशवंत जाधव मार्ग, आर. बी. मेहता मार्ग, हिंगवाला क्रॉस रोड, जनता सोसायटी क्रॉस रोड, नारकर रोड पर अक्सर सुबह ११.३० से दोपहर १ बजे तक और रात ७ से ८ बजे तक  ट्रैफिक जाम लगा रहता है। यह जाम एम जी रोड, राजावाड़ी, तिलक रोड तक पहुंच जाता है। बता दें कि यह प्रमुख बाजार इलाका होने की वजह से यहां जाम लग जाता है। त्योहार के सीजन में भीड़ बढ़ जाती है। इस वजह से यहां ज्यादा देर तक ट्रैफिक जाम लगा रहता है। प्रकाश वाणी का कहना है कि ऑटोरिक्शा वाले किराए के लिए कहीं भी खड़े हो जाते हैं, जिस वजह से जाम ज्यादा हो जाता है। साथ ही घाटकोपर के स्थानीय निवासी अपनी गाड़ियां कहीं भी पार्किंग कर देते हैं, जिससे जाम में इजाफा हो जाता है। इस बाबत शिकायत की गई है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब लोग जल्द ही इस जाम के खिलाफ आंदोलन करने वाले हैं।
सिटीजन रिपोर्टर प्रकाश वाणी के अनुसार, घाटकोपर मध्य मुंबई का एक प्रमुख उपनगर है। यह इलाका नई मुंबई, अंधेरी, ठाणे और अंधेरी को जोड़नेवाला प्रमुख जंक्शन माना जाता है। साथ ही यहां कई तरह के होलसेल व्यापार और लेनदेन चलते है। इसी के मद्देनजर यहां लोगों की भीड़ लगी रहती है। इसके अलावा यहां कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान, बड़े अस्पताल, मार्वेâट, रेस्टोरेंट और खाऊ गली हैं। यहां भी लोगों का आना-जाना लगा रहता है। विद्यार्थी, गृहिणी, वरिष्ठ नागरिक और अस्पताल आनेवाले मरीज के कारण भी भीड़ में इजाफा हो जाता है। यह भीड़ दिन भर इसी तरह लगी रहती है, इसलिए यहां ट्रैफिक जाम होना लाजमी है, जबकि इन गाड़ियों की संख्या के ऐवज में ट्रैफिक पुलिस या वार्डेन की संख्या बहुत ही कम है, जिसके चलते ट्रैफिक कंट्रोल नहीं हो पाता है।

अन्य समाचार