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सिटीजन रिपोर्टर : अस्वच्छ उल्हासनगर… टपोरी बढ़ा रहे टेंशन!… खुलेआम करते हैं नशा

ठाणे

उल्हासनगर शहर के दायरे में मध्य रेलवे के उपनगरीय रेलवे के तीन स्टेशन शहाड़, विट्ठलवाड़ी तथा उल्हासनगर स्टेशन का समावेश है। तीनों स्टेशन में उल्हासनगर रेलवे स्टेशन की दशा सबसे खराब है। उल्हासनगर स्टेशन के सामने से बह रही वालधुनी नदी के चलते असहनीय बदबू उठती है। स्टेशन पर कुत्ते, भिखारी, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। `दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर जितेंद्र तिवारी ने इस ओर सभी संबंधितों का ध्यान आकर्षित किया है।
गौरतलब है कि उल्हासनगर रेलवे स्टेशन के दोनों तरफ पान की दुकानों पर सरकार द्वारा प्रतिबंधित गुटखा की बिक्री धड़ल्ले से शुरू है। लोगों ने गुटखा खाकर रेलवे स्टेशन की दीवार को खूननुमा लाल कर रखा है। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर एक सुलभ शौचालय तो है, लेकिन पानी के अभाव में शौचालय में सफाई न होने के कारण बदबू काफी रहती है। स्टेशन पर कुत्ते, बिल्ली, चोर, बदमाशों की भरमार है। स्टेशन पर टपोरियों का आतंक इस कदर का है कि स्टेशन पर तैनात टीसी, बुकिंग क्लर्क कई लोगों की पिटाई हो चुकी है। स्टेशन पर अनुपयोगी सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा है। रिक्शा स्टैंड पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण अस्त-व्यस्त अवस्था में वाहन खड़े रहते हैं। वालधुनी नदी के ऊपर से बनाई गई पुलिया जो केवल पादचारी रेल यात्रियों के लिए है। उस पर रिक्शा, बाइक जैसे वाहनम दौड़ते रहते हैं, जिसके कारण पैदल चल रहे रेल यात्रियों की दुर्घटना की संभावना बनी रहती हैं। स्टेशन पर लगाए गए पानी के नलों में बरसात में भी पानी नहीं है। शीतल जल के लिए वॉटर कूलर तो है, लेकिन उसमें पानी नहीं रहता है। चोर,नशेडियों का आतंक इतना है कि स्टेशन पर जगह-जगह रखे कचरे के डिब्बे, स्टेचर तमाम तरह के समान गायब कर देते हैं। उल्हासनगर रेलवे स्टेशन की मुख्य बुकिंग इमारत की स्थिति जर्जर हो गई है। अपने आपको ईमानदार, कुशल सरकार चलाने का दावा करनेवाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की स्थिति यह है कि हर साल जितनी इमारत मरम्मत की जाती है, उतनी गिरती भी रहती है। इमारत की गुणवत्ता घटिया है।
सुरक्षा-व्यवस्था में भारी कमी
स्टेशन पर बनाए गए स्कायवॉक की स्थिति खराब है। तीनों स्टेशनों पर सुरक्षा-व्यवस्था जरूरत से कम है। उल्हासनगर की ही तरह विट्ठलवाड़ी, शहाड़ की भी स्थिति ऐसी ही है। विट्ठलवाड़ी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म क्रमांक दो पर मुंबई की तरफ बनाए गए रेल पादचारी पुल पर एक स्वचालित सीढ़ी लगाने की जरूरत है, जिससे मुंबई से आनेवाले उपनगरीय रेल यात्रियों को होगी।

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