मुख्यपृष्ठनए समाचारसिटीजन रिपोर्टर : नाले का ढक्कन कहां है? ...संतप्त उरणवासियों ने उठाया...

सिटीजन रिपोर्टर : नाले का ढक्कन कहां है? …संतप्त उरणवासियों ने उठाया सवाल

•  नगरपालिका के गेट के सामने नाले पर ढक्कन नदारद

बारिश आते ही कई जगहों पर गड्ढे, पानी जमा होने की शिकायतें आती रहती हैं। कई बार बड़ी दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। इन सभी समस्याओं की ओर बार-बार शिकायतें करने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कड़ा इंतजाम नहीं किया जाता। परिणामस्वरूप कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं। उरण में भी एक ऐसा ही मामला देखने को मिला है। उरण नगरपालिका कार्यालय के ठीक बाहर सड़क के बीचों-बीच कई दिनों से ड्रेनेज का ढक्कन खुला हुआ है। फिलहाल उसे किसी ने अस्थायी तौर से ढंक दिया और उसके आसपास पत्थर, पाइप और लकड़ी लगा दी है, ताकि इसमें कोई गिरे नहीं। लेकिन यह किसी दुर्घटना को दावत दे रहा है। इस टूटे हुए ढक्कन की शिकायत `दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर इंद्रनाथ पाड़वे ने उरण नगरपालिका के अधिकारी से व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से की है, लेकिन दो दिन बीत जाने के बावजूद खबर लिखे जाने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सिटीजन रिपोर्टर इंद्रनाथ के अनुसार, इस परिसर में उरण नगरपालिका सहित कई और भी महत्वपूर्ण कार्यालय हैं। इस वजह से रोजाना यहां हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन बीचों-बीच ड्रेनेज का ढक्कन खुला होने से उसमें गिरने का डर बना रहता है। विद्यार्थी, सीनियर सिटीजन, महिलाएं और बीमार व्यक्तियों के इसमें गिरने का खतरा ज्यादा है। इस बात की मौखिक शिकायत कई बार की गई है, लेकिन उरण नगरपालिका के संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस शिकायत के प्रति निष्क्रिय नजर आते हैं। इंद्रनाथ पाडवे का कहना है कि उन्होंने उरण नगरपालिका के प्रमुख अधिकारी को व्हॉट्सऐप पर खुले ड्रेनेज की फोटो इस बाबत जानकारी देते हुए इसकी मरम्मत करने संबंधी संदेश भेजा है, फोन करके भी बताया है लेकिन अभी तक वही स्थिति है।
लगता है कि उरण नगरपालिका शायद किसी दुर्घटना का इंतजार कर रही है, तभी इस कार्यालय के पास के खुले ड्रेनेज के ढक्कन को ऐसा ही छोड़ दिया गया है, अन्य इलाकों की क्या स्थिति होगी? ऐसा सवाल लोग कर रहे हैं।

इससे पहले भी ड्रेनेज के ढक्कन खुले होने कारण कइर्a दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। अक्सर बरसात में मेन होल या ड्रेनेज के ढक्कन खुले होने अथवा खराब होने के चलते कई लोग या तो घायल हुए हैं या फिर उनकी मौत हो चुकी है। बता दें कि जून २०१९ को गोवंडी में एक १२ वर्षीय बच्चा खुले नाले में गिर गया था तो वहीं जुलाई २०१९ को विक्रोली में ऐसी ही घटना में एक व्यक्ति खुले मेनहोल में गिर गया था। इसी तरह अक्टूबर २०२० को घाटकोपर की एक महिला मेनहोल में गिर गई थी, जिसका शव वर्ली में बरामद हुआ था।

अन्य समाचार