मुख्यपृष्ठस्तंभक्लीन बोल्ड : स्मृति की छलांग

क्लीन बोल्ड : स्मृति की छलांग

अमिताभ श्रीवास्तव

अब छलांग केवल मैदान पर ही नहीं लगाई जाती, बल्कि रैकिंग लिस्ट में भी लगाई जाती है। टीम इंडिया महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने यह छलांग लगाई है। स्मृति मंधाना ने दो पायदान की छलांग लगाते हुए नवीनतम आईसीसी रैंकिंग में महिला वनडे बल्लेबाजों की सूची में चौथा स्थान हासिल कर लिया है। इंग्लैंड की नट शिवर ब्रंट, श्रीलंका की चामरी अथापथु और ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी शीर्ष तीन स्थानों पर काबिज हैं। मंधाना की उन्नति को बल्ले से उनके लगातार प्रदर्शन से मदद मिली, खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज में, जहां उन्होंने मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में ३४ और २९ के स्कोर के साथ अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उनके शानदार प्रदर्शन ने न केवल उनकी टीम को जीत दिलाई, बल्कि उन्हें रैंकिंग सीढ़ी पर भी ऊपर पहुंचाया। एश्ले गार्डनर तीन स्थान गिरकर २२वें नंबर पर आ गईं, जबकि फोएबे लीचफील्ड भी दो स्थान नीचे खिसक गईं। ताहलिया मैकग्रा बल्लेबाजी रैंकिंग में चार स्थान के फायदे से ३०वें नंबर पर पहुंच गईं।
सितारों के पर कतरे
यह दिलचस्प पहलू है। सितारों की हवा में उड़ने के किस्से बहुत थे, मगर उनके पर कतरने के नहीं, जबकि ऐसा पहले ही हो जाना था। बोर्ड ने उन तमाम सितारों के पर कतर दिए हैं, जिन्हें घरेलू क्रिकेट में खेलना छोटापन लगता था। मामला ईशान किशन के जरिए उठा था। पिछले कुछ दिनों से ईशान किशन के रवैये और इरफान पठान द्वारा बड़ा सवाल उठाने के बाद अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड `सितारों’ के पर कतरने की तैयारी में है। दरअसल, दक्षिण अप्रâीका दौरे में ईशान किशन मानसिक थकावट की बात कहकर बीच दौरे से वापस लौटे थे, लेकिन जब वह केबीसी में दिखे और दुबई में पार्टी करते दिखे तो चर्चा शुरू हुई। ईशान झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफी में न खेलकर पंड्या बंधुओं के साथ फिटनेस ट्रेनिंग करते दिखाई पड़े तो यह बात पूर्व क्रिकेटरों और बोर्ड के आला अधिकारियों को खटक गई। बहस इस बात को लेकर चल रही है कि सितारे खिलाड़ियों को अनिवार्य रूप से रणजी मैच खेलने चाहिए। यही वजह है कि बोर्ड जल्द ही इसको लेकर नियम बना सकता है। इसके तहत बोर्ड आईपीएल में खेलने की पात्रता हासिल करने के लिए हर सीजन में खिलाड़ियों के लिए कम से कम कुछ रणजी मैच खेलने का नियम बना सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों के बीच इसको लेकर चिंतन-मनन जारी है। यह पात्रता पूरी करने के बाद ही खिलाड़ी नीलामी में हिस्सा लेने या आईपीएल में खेलने के लिए क्वॉलिफाई कर पाएंगे।
लायक नहीं पंड्या की बॉडी
तो अब यह भी सामने आ गया कि हार्दिक पंड्या की बॉडी खेलने लायक नहीं है। जी हां, पंड्या की बॉडी को लेकर बोर्ड के ही एक शख्स ने बताया है। उन्होंने कहा है कि हार्दिक पंड्या की बॉडी टेस्ट क्रिकेट के लिए `जरूरी शारीरिक पूर्ति’ करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में उनकी भूमिका व्हाइट-बॉल तक सीमित करना और उन्हें आईसीसी ट्रॉफी या बड़े टूर्नामेंट के लिए सुरक्षित करना जरूरी और अहम हो जाता है। उन्होंने कहा कि हम समझ सकते हैं कि हार्दिक का शरीर रेड-बॉल क्रिकेट का बोझ सहन नहीं कर सकता। वो टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी वर्कलोड को सहन करने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन देश को आईसीसी टूर्नामेंट और बाकी व्हाइट-बॉल प्रतियोगिताओं में उनकी जरूरत है। लेकिन अब जब भी बाकी दूसरे युवाओं को कॉल करते हैं तो वे कहते हैं अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं। उन्हें कहीं न कहीं रुकने की जरूरत है।

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